सीतापुर के कई इलाकों में धर्मांतरण के 8 मामलों में केस दर्ज हुआ है।
उत्तर प्रदेश के सीतापुर में धर्मांतरण के कई मामले सामने आए हैं। आरोप है कि लोगों को नौकरी और शादी कराए जाने का लालच देकर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था।
13 लोगों की हुई गिरफ्तारी, 37 लोगों पर केस दर्ज
सीतापुर में क्रिसमस के मौके पर कई इलाकों में धर्मांतरण के मामले सामने आए थे। इसमें अलग-अलग जगहों से धर्मांतरण करवा रहे 37 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। इनमें से 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
बजरंग दल ने करवाई गिरफ्तारी
विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने पुलिस को सूचना दी। उन्होंने आरोप लगाया कि लश्करपुर गांव में धर्म परिवर्तन को लेकर कुछ लोग बाहर से आए हैं। वह गांव के लोगों को नौकरी, शादी का लालच देकर उनका धर्म बदलावा रहे हैं। इस पर एसओ संतोष कुमार मौके पर पहुंचे। वहां पर एक घर में धर्म परिवर्तन किया जा रहा था। पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लेकर डायरी व अन्य किताबों को जब्त कर लिया।
खातों में विदेशों से आया फंड
एसओ संतोष कुमार ने बताया, जौनपुर के रहने वाले डेविड अस्थाना ने सदरपुर में एक जमीन पर चर्च बनाया था, जहां पर धर्मांतरण का कराया जा रहा था, लेकिन स्थानीय गांव की मदद से पुलिस ने ब्राजील निवासी तीन युवकों के साथ डेविड उसकी पत्नी को हिरासत में ले लिया है। पूछताछ में पता चला है, डेविड को विदेशों से फंड आता था। इसके लिए उन्होंने लखनऊ में
कई बैंकों में अपने और अपनी पत्नी के नाम पर 8 खाते खुलवा रखे थे। इन खातों में अमेरिका, ब्राजील और साउथ कोरिया जैसे कई देशों से करीब 60 लाख रुपए 12 लोगों ने भेजे थे।
8 जगहों पर हुआ धर्मांतरण का खेल
जनपद में धर्मांतरण 18 दिसंबर को सदरपुर से शुरू था। जहां पर ब्राजील से आए तीन लोग धर्मांतरण करा रहे थे। 25 दिसंबर को क्रिसमस-डे के दिन से इस पर रोक लगाई गई थी। इससे पहले भी कई धर्मांतरण के मामले सामने आ चुके हैं।
8 महीने पहले हुए धर्मांतरण पर मंगलवार को नोटिस जारी
फतेहपुर जिले में एक अवैध तरीक से हुए धर्मांतरण मामले में 54 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। 8 महीने की लंबी जांच के बाद पुलिस ने एक अल्पसंख्यक ईसाई यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर, चांसलर और प्रयागराज में कृषि यूनिवर्सिटी के अधिकारी को नोटिस जारी किया है।
साथ में प्रयागराज के एक बिशप को भी नोटिस जारी किया है। उन्हें जांच में शामिल होने और 29 दिसंबर तक अपनी भूमिका स्पष्ट करने के लिए कहा गया है।