उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में 14 वर्ष पुराना फासिल्स पाया गया है। जिले में फासिल्स पार्क हैं, जहां करीब 22 वर्ष पहले इसका भंडार मिलने के संकेत मिले थे। उसके बाद कई अलग-अलग स्थआनों पर सर्वे में वैज्ञानिकों ने यूरेनियम पाए जाने की संभावना जताई है।
उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में 14 वर्ष पुराना फासिल्स पाया गया है। जिले में फासिल्स पार्क हैं, जहां करीब 22 वर्ष पहले इसका भंडार मिलने के संकेत मिले थे। उसके बाद कई अलग-अलग स्थआनों पर सर्वे में वैज्ञानिकों ने यूरेनियम पाए जाने की संभावना जताई है। इस फासिल्स पार्क में लगभग डेढ़ वर्ष पुराने जीवाश्म हैं। इसी पार्क में वैज्ञानिकों को यूरेनियम का भंडार मिलने की उम्मीदें हैं। इसके लिए वह कई वर्षों से यूरेनियम पर शोध कर रहे हैं। वैज्ञानिकों ने सोनभद्र की कुद्री पहाड़ी पर भी यूरेनियम पाए जाने की संभावना जताई है। इसके लिए पहाड़ी पर तीन खुदाई भी करवाई जा चुकी है। सोनभद्र के साथ ही ललितपुर जिले में भी यूरेनियम की मौजूदगी के संकेत मिल चुके हैं।
कीमती धातु है यूरेनियम
यूरेनियम विश्व की सबसे कीमती धातुओं में गिनी जाती है। अगर वैज्ञानिक इसकी खोज में सफल हो जाते हैं तो यह भारत के लिए बहुत बड़ी बात होगी। भारत में अब तक 2.30 लाख टन यूरेनियम के भंडार मिले हैं। भारत में सात परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में 22 रिएक्टर हैं, जिसमें 478 टन यूरेनियम हर साल इस्तेमाल होता है। यह रिएक्टर लगभग 6780 मेगावॉट की क्षमता के साथ बिजली पैदा करते हैं।
भारत की 2030 तक 40,000 मेगावॉट ऊर्जा क्षमता करने की तैयारी है, जो वर्तमान में लगभग 7,000 मेगावॉट है। वर्तमान में आंध्र प्रदेश और झारखंड यूरेनियम का सबसे बड़ा उत्पादक है।