28 अगस्त को दिन दहाड़े परमानंद इंटर कालेज खीरी की छात्रा से छेडख़ानी का विरोध करने पर उसके चचेरे भाई सत्यम शर्मा की दबंगों द्वारा सरेआम पीट कर हत्या कर दी गई थी। इस घटना में शामिल मुख्य आरोपी युसूफ अपने गांव का प्रधान भी है। लोग बताते हैं कि उसी के वाहन से ही खीरी पुलिस क्षेत्र में भ्रमण करती थी।

प्रयागराज। खीरी में पीट पीट कर किशोर सत्यम शर्मा की हत्या के मुख्य आरोपी युसूफ के दबंगई की कई कहानियां सामने आ रही हैं। मृतक के परिजनों ने बताया कि युसूफ की खीरी थाने में बड़ी धाक थी। उसके खिलाफ किसी भी शिकायत पर पुलिस कोई विचार नहीं करती थी। खीरी और आस पास के सभी मामलों में युसूफ का थाने पर हस्तक्षेप चलता था। यहां तक कि उसके द्वारा उलब्ध कराई गई गाडिय़ों से ही थानाध्यक्ष, चौकी इंचार्ज और दरोगा सिपाही इलाके में भ्रमण करते थे। पुलिसकर्मियों के घरों पर होने वाले शादी विवाह या अन्य महोत्सवों में भी युसूफ खूब धन खर्च करता था। यही कारण था कि खीरी थाने में उसके आगे किसी की एक भी नहीं चलती थी।
दबंग युसूफ खीरी थाने के पुलिसकर्मियों के लिए प्रतिदिन अपने घर से कुछ न कुछ नाश्ता या खाना बनवा कर ले जाता था। बीते दिनों बकरीद पर थाने के अंदर ही उसके द्वारा पुलिस कर्मियों को दावत दी गई थी।
ग्रामीणों का कहना है कि युसूफ प्रधानी कम दबंगई ज्यादा करता था। अमृत सरोवर, कूड़ा घर, सडक़, नाली, खडंजा आदि के नाम पर पैसे निकाले लेकिन उसने काम नहीं कराया। जो काम कराया गया वह भी बेहद घटिया है, और जो भी उसके कामों की शिकायत करने की बात करता तो प्रधान युसूफ खीरी पुसिल से फर्जी मुकदमें में फसाने की धमकी देता था। ग्रामीणों ने अरोप लगाया है कि पंचायत के कार्यों में उसके द्वारा किए गए भ्रष्टाचार में सचिव के अलावा ब्लाक और जिले के भी अफसरों की संलिप्तता रहती थी। इसी करण वह शासन की योजनाओं में पूरी मनमानी करता था।