
सोनभद्र जिले में हुए खनन हादसे में प्रशासन की बड़ी कारवाई हुई है, खदान मालिक मधुसूदन सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बता दें कि बिल्ली मारकुंडी खदान में हुए दर्दनाक हादसे में पुलिस ने गैर इरादतन मामला दर्ज किया हैं, बाकी आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की टीम का गठन किया गया है उनकी तलाश की जा रही हैं। पुलिस ने पनारी ग्राम पंचायत के करमसार टोला के रहने वाले छोटू की शिकायत पर ओबरा थाने में ग़ैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया हैं। इस मामले में पुलिस ने खनन पट्टा धारक मधुसूदन सिंह, दिलीप केसरी और एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज की है।
बता दें कि सोनभद्र में शनिवार को दिन में 3 बजे बिल्ली मारकुंडी खदान में ड्रिलिंग करते समय उत्पन्न कंपन से ऊपर से बड़ा पत्थर का टीला गिर गया, जिसकी वजह से कृष्णा माइनिंग वर्क्स खदान धंस गई थी। इस हादसे में कई मज़दूर दब गए हैं जिसके बाद से वहां रेस्क्यू ऑपरेशन किया जा रहा है। पुलिस ने खदान हादसे मामले में पट्टा धारक मधुसूदन सिंह को गिरफ्तार किया है बाकी अन्य आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की विशेष टीम का गठन किया है जो लगातार अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस ने जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ़्तार करने का भरोसा दिया है।
अब तक की जानकारी के मुताबिक इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या बढ़कर छह हो गई है. जिलाधिकारी बी.एन. सिंह ने बताया कि 16 और 17 नवंबर की मध्यरात्रि से लेकर सोमवार दोपहर तक मलबे से पांच और शव बरामद किये गये हैं। उनकी पहचान इंद्रजीत, संतोष, रवींद्र, राम खेलावन और कृपाशंकर के रूप में हुई है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने बताया कि खदान में पहाड़ी का एक भाग दरकने से कई मजदूर मलबे में दब गए थे।इस मामले में कृष्णा माइनिंग वर्क्स के मालिक समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।घटना स्थल पर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम भी बचाव कार्य में जुटी है। बता दें कि शनिवार को जब यह हादसा हुआ उसके कुछ समय पूर्व ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने सोनभद्र दौरे को खत्म कर वापस लखनऊ के लिए चल दिए। सीएम ने भी इस घटना का संज्ञान लेकर गहरा दुख व्यक्त किया।
जनपद के प्रभारी मंत्री एवं स्टाम्प एवं पंजीयन मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने सोमवार को घटनास्थल और पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर हालात का जायजा लिया। मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्होंने संवेदना व्यक्त किए। उन्होंने घोषणा की कि मृतक श्रमिकों के परिजनों को विभिन्न सरकारी योजनाओं तथा अन्य मदों से लगभग 20 लाख 55 हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही उन्होंने साफ कहा कि इस दुर्घटना की त्रिस्तरीय जांच करवाई जाएगी, जिसमें पुलिस विभाग, खनन विभाग और जिला प्रशासन शामिल रहेगा।