सोनभद्र

UP को मिलेगा ‘विंध्य एक्सप्रेसवे’: 330 किमी लंबा कॉरिडोर 4 राज्यों को जोड़ेगा, 84 गांवों में जमीन अधिग्रहण की तैयारी तेज

Vindhya Expressway : उत्तर प्रदेश में 330 किमी लंबे 'विंध्य एक्सप्रेसवे' का निर्माण शुरू होने जा रहा है। यह प्रयागराज के 84 गांवों से गुजरते हुए यूपी को 4 राज्यों से जोड़ेगा। जानें जमीन अधिग्रहण और इसके फायदों से जुड़ी हर जानकारी।
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उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश के बुनियादी ढांचे को वैश्विक स्तर पर ले जाने के संकल्प के साथ 'विंध्य एक्सप्रेसवे' की आधारशिला रखने की तैयारी कर ली है। गंगा एक्सप्रेसवे के बाद, यह 330 किलोमीटर लंबी परियोजना राज्य के आर्थिक और भौगोलिक मानचित्र को पूरी तरह बदलने वाली साबित होगी। यह एक्सप्रेसवे केवल एक सड़क नहीं, बल्कि पूर्वांचल और विंध्य क्षेत्र के लिए 'समृद्धि का गलियारा' (Economic Corridor) बनकर उभरेगा।

विंध्य एक्सप्रेसवे का सामरिक महत्व अद्वितीय है। सोनभद्र जिला देश का इकलौता ऐसा जिला है जिसकी सीमाएं चार राज्यों-बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड को छूती हैं। इस एक्सप्रेसवे के निर्माण से दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोग गंगा एक्सप्रेसवे के माध्यम से सीधे सोनभद्र तक पहुंच सकेंगे। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि इन पड़ोसी राज्यों के साथ उत्तर प्रदेश का व्यापारिक और सांस्कृतिक जुड़ाव भी पहले से कहीं अधिक सुगम हो जाएगा।

परियोजना का खाका इस तरह तैयार किया गया है कि यह गंगा एक्सप्रेसवे के अंतिम बिंदु (प्रयागराज की सोरांव तहसील का जुड़ापुर दांदू गांव) से शुरू होगा। यहां से यह एक्सप्रेसवे प्रयागराज की तीन प्रमुख तहसीलों-सोरांव, फूलपुर और हंडिया से होते हुए मिर्जापुर और फिर सोनभद्र की सीमाओं तक जाएगा। इस सुव्यवस्थित नेटवर्क से प्रयागराज एक बड़े ट्रांजिट हब के रूप में विकसित होगा।

जमीन अधिग्रहण और 84 गांवों का भाग्य

एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए प्रयागराज प्रशासन ने 84 गांवों को चिन्हित किया है, जहां जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज हो गई है।

  • सोरांव तहसील के 29 गांव (जुड़ापुर दांदू, थरवई आदि)
  • फूलपुर तहसील के 24 गांव (गारापुर, देवरिया आदि)

हंडिया तहसील के 31 गांव (सराय ममरेज, महाराजपुर आदि) इस मेगा प्रोजेक्ट का हिस्सा बनेंगे।
इन क्षेत्रों में एक्सप्रेसवे आने से रीयल एस्टेट और स्थानीय रोजगार में जबरदस्त उछाल आने की उम्मीद है।

सोनभद्र के इको-टूरिज्म तक होगी पहुंच

मिर्जापुर और सोनभद्र का क्षेत्र खनिज संसाधनों और औद्योगिक इकाइयों के लिए जाना जाता है। इस एक्सप्रेसवे के जरिए यहां के उत्पादों को दिल्ली और एनसीआर के बाजारों तक पहुंचाना बेहद सस्ता और तेज हो जाएगा। इसके अलावा, विंध्याचल धाम और सोनभद्र के इको-टूरिज्म केंद्रों तक पहुंच आसान होने से पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाई मिलेगी।

Updated on:
01 May 2026 09:45 pm
Published on:
01 May 2026 09:45 pm
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