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पॉली हाउस तकनीक से किसानों को हो रहा दोगुना मुनाफा

सामोद (चौमूं) क्षेत्र के किसान अपने खेतों में पॉली हाउस लगाकर उच्च गुणवत्तायुक्त पैदावार के साथ दोगुना मुनाफा कमा रहे हैं। इसमें लागत कम आती है और समय की भी बचत होती है। इसके चलते उपखण्ड में जहां पहले एक दो पॉली हाउस देखने को मिलते थे, वहीं आज 150 से अधिक किसानों के खेतों में पॉली हाउस नजर आ रहे हैं।

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Feb 25, 2024
पॉली हाउस तकनीक से किसानों को हो रहा दोगुना मुनाफा

प्रति बीघा दो लाख रुपए खर्चा
गोरा के अनुसार, पॉली हाउस लगाने में प्रति बीघा करीब दो लाख रुपए का खर्चा आता है। इसमें फसल सुरक्षित रहती है। बदलते मौसम से भी बचाव होता है और कीट-पतंगों से भी। इसमें खरपतवार भी ना के बराबर होती है। लंबे समय तक अच्छी क्वालिटी की फसल मिलती है।


ऑफ सीजन सब्जियों की खेती संभव
सामान्य खेती में फसलों के लिए अनुकूल मौसम का इंतजार करना पड़ता है। पॉली हाउस में किसी भी मौसम में सब्जियों का उत्पादन किया जा सकता है।

सब्जी के मिलते हैं अच्छे दाम
किसान पॉली हाउस में अधिकतर खीरा, टमाटर व हजारे के फूलों आदि की खेती करते हैं। इसमें तैयार फसल की मंडी में दोगुने से अधिक दामों में आसानी से बिक्री हो जाती है। जैसे पॉली हाउस से तैयार खीरे का बाजार भाव 30 रुपए प्रति किलो और परम्परागत तरीके से तैयार खीरा 10 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बिकता है।

पहले दो बीघा में पॉली हाउस लगाया था। कम समय व लागत में उच्च गुणवत्ता वाली पैदावार हुई। मुनाफा भी बहुत अधिक हुआ। इसके बाद करीब 30 बीघा खेत में पॉली हाउस लगा लिया है। इनसे प्रेरित होकर अन्य किसानों ने भी अपने खेतों में पॉली हाउस लगाए।
- किसान शिवराम व दिनेश गोरा

- नवरतन शर्मा

Published on:
25 Feb 2024 12:24 pm
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