
ICAS Academy : यदि केन्द्र सरकार की हरी झंडी मिली तो भरतपुर जिले को एक और बड़ी सौगात मिल सकती है। भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) की तर्ज पर भारतीय सिविल अकाउंट सर्विसेज (आईसीएएस) अधिकारियों की ट्रेनिंग के लिए अलग अकादमी बनाने की तैयारी की जा रही है। केन्द्र सरकार के स्तर से यह अकादमी राजस्थान में प्रस्तावित है।
सूत्रों का दावा है कि इसके लिए भरतपुर व जोधपुर जिलों में जमीन चिह्नित कर प्रस्ताव वित्त मंत्रालय को भेजा जा चुका है। हालांकि जिला प्रशासन अभी इसे महज 'तुक्का' ही बता रहा है। यदि भरतपुर को इस राष्ट्रीय स्तर के संस्थान की मेजबानी मिलती है तो यह जिले के लिए बड़ी सौगात होगी।
सूत्रों के अनुसार आईसीएएस सेवा के भारत में 50 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। इस मौके पर 1 मार्च को होने वाले स्वर्ण जयंती कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से इस अकादमी की औपचारिक घोषणा कराए जाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। वित्त मंत्रालय ने इस अकादमी के निर्माण के लिए राजस्थान को प्राथमिकता दी है। मंत्रालय की ओर से हाल ही में मुख्य सचिव को पत्र भेजकर जयपुर और जोधपुर में जमीन उपलब्ध कराने के विकल्प मांगे गए थे। हालांकि सूत्रों का दावा है कि राज्य स्तर से भरतपुर और जोधपुर में जमीन चिह्नित कर प्रस्ताव भेजा गया है।
सूत्रों का कहना है कि भरतपुर में उपलब्ध जमीन और भौगोलिक स्थिति को देखते हुए यहां अकादमी स्थापित होने की संभावना मानी जा रही है। यदि यह संस्थान भरतपुर में बनता है तो इससे न केवल शहर को राष्ट्रीय पहचान मिलेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार, अधोसंरचना विकास और शैक्षणिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। भरतपुर के लिए यह प्रस्ताव ऐतिहासिक साबित हो सकता है, क्योंकि पहली बार यहां किसी अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों की ट्रेनिंग से जुड़ा बड़ा संस्थान स्थापित होने की उम्मीद जगी है।
हालांकि अब सभी की निगाहें केंद्र सरकार के अंतिम निर्णय पर टिकी है, जिससे तय होगा कि भरतपुर के प्रशासनिक प्रशिक्षण मानचित्र पर नई पहचान बना पाएगा या नहीं।
जिला कलक्टर बोले अभी ऐसा कुछ नहीं है। यह प्रक्रिया केन्द्र सरकार के स्तर से पूरी होनी है। अभी केन्द्र सरकार के स्तर से कोई ऐसी बात सामने नहीं आई है।
कमर चौधरी, जिला कलक्टर, भरतपुर