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राजस्थान में अंतरजातीय प्रेम विवाह पर बड़ी सजा, समाज से किया बहिष्कृत और गांव से निकाला, 1.58 लाख लगाया जुर्माना

Inter Caste Love Marriage : राजस्थान सहित देश की यह तस्वीर कब बदलेगी। अंतरजातीय प्रेम विवाह पर मिली बड़ी सजा। पीड़ित युवक व गर्भवती पत्नी समाज से बहिष्कृत किया और गांव से निकाल दिया है। सजा यहीं खत्म नहीं होती है इन पर 1.58 लाख रुपए का जुर्माना भी लगा दिया है।

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अंतरजातीय प्रेम विवाह पर बड़ी सजा, समाज से किया बहिष्कृत और गांव से निकाला

Inter Caste Love Marriage : जोधपुर जिले के केरू गांव में अंतरजातीय प्रेम विवाह करने पर दम्पती को समाज से बहिष्कृत कर गांव से निकाल दिया गया। पीड़ित युवक गर्भवती पत्नी के साथ केरू में पत्थर की खान में रहने को विवश है। पुलिस के अनुसार केरू गांव में नाडीवाला बास निवासी जितेन्द्र पंवार ने कोर्ट में पेश इस्तगासे के आधार पर समाज के 11 पंचों के खिलाफ डरा धमकाकर समाज से बहिष्कृत करने और दण्ड वसूलने की एफआईआर दर्ज करवाई है। आरोप है कि जितेन्द्र ने गत वर्ष 13 जुलाई को राजवा गांव की एक युवती से अंतरजातीय प्रेम विवाह किया था।

नाराज पंचों ने दी सजा

गत 20 जनवरी को समाज के पंचों ने दूसरी जाति की युवती से प्रेम विवाह करने को लेकर युवक के पिता पर दबाव बनाया था और पांच लाख रुपए आर्थिक दण्ड लगा दिया था। जुर्माना न भरने पर समाज से बहिष्कृत, हुक्का पानी बंद करने व गांव से बाहर निकालने की धमकियां दी गई थीं। दबाव में आए पिता ने 1.58 लाख रुपए दण्ड जमा करवा दिया था। पिता को छोड़ युवक व पत्नी को समाज से बहिष्कृत कर दिया गया था। उन्हें पिता के घर व गांव से निकाल दिया गया था।

एफआईआर दर्ज - थानाधिकारी

थानाधिकारी देवीचंद ढाका ने कहा, एफआईआर दर्ज की गई है। जांच के बाद ही आरोप की प्रामाणिकता का पता लग पाएगा।

पत्नी गर्भवती, नहीं आने दे रहे घर

युवक का आरोप है कि उसकी पत्नी गर्भवती है और वह केरू में पत्थर की खानों में रहने को मजबूर है। गत दिनों रिश्तेदार की मृत्यु होने पर समाज के लोगों को घर आने नहीं दिया गया था। ऐसा करने पर समाज से बहिष्कृत करने की धमकियां दी गई थीं। युवक का कहना है कि उसने 24 जनवरी को केरू चौकी में लिखित शिकायत दी थी, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की गई।

Updated on:
21 Apr 2024 12:36 pm
Published on:
21 Apr 2024 12:27 pm
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