वक्ताओं ने कहा कि बोर्ड के गठन से शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में ठोस लाभ मिलेंगे। धार्मिक-सांस्कृतिक संरक्षण, तीर्थ एवं संस्कार आयोजन में सहयोग तथा सरकारी योजनाओं का लाभ समाज तक सीधे पहुंचेगा।
अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अधिवेशन में लिए अहम निर्णय
जयपुर. अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा का दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन का का समापन अजमेर रोड स्थित गौतम आश्रम में हुआ। अधिवेशन की शुरुआत संत प्रखर के सान्निध्य में हुई। महावीर प्रसाद भारद्वाज ने बताया कि इस दौरान महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा कर उन्हें सर्वसम्मति से पारित किया गया। महासभा के राजस्थान प्रदेशाध्यक्ष डॉ.एल.डी.शर्मा के नेतृत्व में प्रस्ताव पारित कर पूर्ववर्ती सरकार की ओर से गठित ब्राह्मण कल्याण बोर्ड को प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने की मांग की गई।
वक्ताओं ने कहा कि बोर्ड के गठन से शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में ठोस लाभ मिलेंगे। धार्मिक-सांस्कृतिक संरक्षण, तीर्थ एवं संस्कार आयोजन में सहयोग तथा सरकारी योजनाओं का लाभ समाज तक सीधे पहुंचेगा। इससे सामाजिक समरसता और आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलेगी।
महासभा अध्यक्ष पं.जे.के.शर्मा ने ब्राह्मण समाज या किसी भी समुदाय पर जातिगत टिप्पणी रोकने के लिए सख्त कानून बनाए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष वैद्य पं. गोपालदत्त शर्मा, राष्ट्रीय महामंत्री हरिओम शर्मा, राष्ट्रीय संगठन मंत्री विशन कौशिक, महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष दिग्विजय दीक्षित सहित देशभर के प्रदेशाध्यक्ष व कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित रहे।
अश्विनी तिवारी को मिली जिम्मेदारी
ऑल इंडिया ब्राह्मण फेडरेशन के राष्ट्रीय महामंत्री पंडित यशपाल तिवारी ने फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं.एसडी शर्मा के निर्देशानुसार संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी अश्विनी तिवारी को देश के फेडरेशन प्रतिनिधियों की डायरेक्टरी बनाने संबंधी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। राष्ट्रीय महामंत्री यशपाल तिवारी ने बताया कि बताया कि संगठन के वरिष्ठ प्रतिनिधियों की बैठक में लिए गए निर्णय अनुसार जिम्मेदारी सौंपी है।