
जोधपुर।
जिले में गत दो माह से टिड्डी हमलों से फ सलों को हो रहे नुकसान व इसके प्रभावी नियंत्रण को लेकर बेबस किसानों ने मूंगफ ली में सफेद लट (गोजा लट) के आने वाले खतरे से निपटने के लिए कमर कस ली है। किसानों ने इसके लिए इस कीट के पैदा होने से पहले ही इसके भृंगो को खत्म करने को लेकर अभियान चलाने की योजना तैयार की है। संघ किसानों को इसकी तकनीकी जानकारी देने के साथ किसानों व भामाशाहो के सहयोग से संगठन कार्यकर्ताओं के नेतृत्व में लोहावट व बापिणी सहित मूंगफ ली उत्पादक क्षेत्र में बरसात के दूसरे दिन ही इस कीट के पोषी वृक्षों पर इमिडक्लोरोपिड 17.8 एससी के छिडक़ाव करवाने की योजना बनाई है।
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खत्म करने का किया परीक्षण
भारतीय किसान संघ के मार्गदर्शन में इस लट के पोषी वृक्षों पर व्यापक स्तर में इमिडक्लोरोपिड के छिडक़ाव करने की तैयारी कर ली है। संघ के आंदोलन व प्रान्त प्रचार प्रमुख तुलछाराम सिंवर ने बताया कि जयपुर स्थित दुर्गापुरा अनुसंधान केंद्र द्वारा उपलब्ध करवाए गई तकनीकी जानकारी के अनुसार सफेद लट के भृंगो को अंडा देने से पहले ही खत्म करने के तरीके का परीक्षण कर लिया गया है।इस तरीके से भृंग को अंडा देने से पहले करेंगे खत्मजहां बरसात नही हुई है, वहां सफेद लट का भृंग सुसुप्त अवस्था में जमीन के अंदर मौजूद है। जैसे ही क्षेत्र में बारिश होगी, तब इस कीट के भृंग उसी दिन से शाम को गोधूली वेला के बाद जमीन से निकलकर खेजड़ी, नीम, शीशम, बेर, गूलर व सहजना जैसे पोषी वृक्षों पर प्रजनन क्रिया करने आते है। इस दौरान भूख मिटाने के लिए इन पेड़ों की पत्तियों को खाते है। ऐसे में पहले से इमिडक्लोरोपिड के छिडक़ाव होने से ये भृंग इन पेड़ों की पत्तियों को खाकर अंडा देने से पहले ही खत्म हो जाएंगे। इमिडक्लोरोपिड के छिडक़ाव वाले चिन्हित पोषी वृक्षों पर एनिसोल से भीगे स्पंज बांधकर सफेद लट के नर भृंगों को आकर्षित किया जाएगा, जिससे इन पेड़ों पर छिडक़ाव कर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकेगा।