Gargi Puraskar 2022 शिक्षा विभाग की ओर से इस साल नहीं हुआ गार्गी पुरस्कार का आयोजन, आवेदन ही नहीं मांगे
Gargi Puraskar 2022 बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन देने की दिशा में बालिका शिक्षा फाउण्डेशन द्वारा प्रतिभावान बालिकाओं को दिए जाने वाले गार्गी पुरस्कार और बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार समारोह के आयोजन नहीं होने पर बेटियों को मायूस होना पड़ा। हर साल बसंत पंचमी पर ये आयोजन किया जाता है, लेकिन इस साल शिक्षा विभाग मुख्यालय की ओर से कोई दिशा-निर्देश नहीं मिल पाने से गार्गी पुरस्कार का आयोजन नहीं हो पाया। गौरतलब है कि पिछले साल उदयपुर शहर की 1037 बालिकाओं को गार्गी पुरस्कार व 16 बालिकाओं को प्रियदर्शिनी पुरस्कार प्रदान किए गए थे।
प्रमोट करने से बढ़ी संख्या
जानकारी के अनुसार प्रदेश में कोरोना की तीसरी लहर के कारण आयोजनों पर पाबंदी लगी हुई थी। इसके अलावा शिक्षा सत्र 2020-21 में बिना परीक्षा के अगली कक्षा में प्रमोट किए जाने से छात्राओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई। प्रमोट करने पर 75 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वाली बढ़ी छात्राओं की संख्या के कारण बालिका शिक्षा फाउंडेशन ने सरकार से विशेष बजट की मांग की थी। लेकिन, सरकार की ओर से बजट जारी नहीं किया गया। ऐसे में योजना के लिए आवेदन भी नहीं मांगे गए। जब तक सरकार की ओर से जब तक बजट जारी किया जाएगा तब तक ये आयोजन नहीं हो पाएंगे।
यह है योजना
गार्गी पुरस्कार योजना वर्ष 1998 में शुरू की गई थी। इस पुरस्कार योजना के अंतर्गत कक्षा 10वीं और 12वीं में बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षा में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाली बालिकाओं में 10वीं की छात्राओं को 3 हजार रुपए व 12वीं की छात्राओं को 5 हजार रुपए और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया जाता है ताकि वह अपनी पढ़ाई जारी रख सके। इस पुरस्कार की राशि निदेशक माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान, बीकानेर द्वारा उपलब्ध करवाई जाती है। इस पुरस्कार के लिए प्रत्येक जिला मुख्यालय और पंचायत समिति स्तर पर प्रतिवर्ष बसंत पंचमी को प्रदान किया जाता है।
मुख्यालय से नहीं मिले दिशा-निर्देश
मुख्यालय की ओर से इस संबंध में कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए। इसलिए आयोजन नहीं हो पाया। सरकार की ओर से इस संबंध में कोई निर्णय लेने व दिशा-निर्देश मिलने पर आयोजन किया जाएगा।
ओमप्रकाश आमेटा, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी