
जोधपुर. मारवाड़ के लोगों को मानसून ने एक बार फिर से निराश कर दिया है। मंगलवार को मानसूनी अक्ष रेखा या दबाव का क्षेत्र सीकर से नीचे उतरकर गुजरात के सौराष्ट्र तक चला गया, जिससे अधिकांश जगहों पर बारिश का सूखा रहा। बुधवार को बरसात होने की संभावना का अंतिम दिन है। गुरुवार से मानसूनी अक्ष रेखा फिर से हिमालय की तहलटी पर चली जाएगी जिससे एक सप्ताह के लिए अच्छी बारिश की कोई उम्मीद नहीं है। इस दौरान पूर्वी राजस्थान में हल्की बरसात जबकि पश्चिमी राजस्थान को बूंदाबांदी से ही संतोष करना पड़ेगा। कुल मिलाकर मानसून के आने के बाद अब तक लोगों को एक लंबी झमाझम का इंतजार है।
सूर्यनगरी में मंगलवार को न्यूनतम तापमान 27 डिग्री रहा। हवा में 90 फीसदी से अधिक नमी होने के कारण शहरवासी सुबह से ही उमस से हलकान होते रहे। बादलों की आवाजाही दिन भर बनी रही लेकिन बरसाती बादल नहीं होने के कारण लोगों को निराश होना पड़ा। दोपहर में पारा 37.8 डिग्री पर पहुंचा। शाम को भी उमस भरी तपिश ने शहरवासियों को बैचेन किए रखा। जोधपुर में अब तक मानसून की कोई खास बारिश नहीं हुई है। जिले के ग्रामीण हिस्से भी सूखे रहे। फलोदी में न्यूनतम तापमान 30 और अधिकतम 42.8 डिग्री रहा।
जैसलमेर में रात का तापमान 30.1 व दिन का 39.1 डिग्री मापा गया वहीं बाड़मेर में न्यूनतम तापमान 28.8 व अधिकतम तापमान 40.1 डिग्री रहा। भीलवाड़ा को छोडकऱ अधिकांश स्थान सूखे रहे।