
जयपुर. बूज-मानोता. जमवारामगढ़ के मानोता ग्राम पंचायत मुख्यालय स्थित ग्राम झोल गांव में गुरुवार को जमीनी विवाद में एक युवक की हत्या कर दी। जिस पर गुस्साएं ग्रामीणों ने पुलिस को घटनास्थल से शव नहीं उठाने दिया। इसके बाद करीब 5 घंटे बाद समझाइश के बाद परिजन व ग्रामीण शांत हुए और शव उठाने दिया।
थानाधिकारी एकताराज मीना ने बताया कि ग्राम झोल गांव निवासी जगदीश (32) पुत्र गोपीराम मीना अपने खेत के किनारे लगे पेड़ से बकरियों के लिए टहनियां काट रहा था। इस दौरान उसी गांव के आधा दर्जन से अधिक युवक आए और जमीन को खुद की बताते हुए झगड़ा करने लग गए। इस दौरान लाठियों से ताबड़तोड़ वार कर जगदीश की हत्या कर दी। सूचना मिलते ही ग्रामीण घटनास्थल पर एकत्रित हो गए।
वहीं सूचना पर जमवारामगढ़ सीओ लाखन सिंह, जमवारामगढ़ थानाधिकारी एकता राज मीना, कानोता थानाप्रभारी, भाजपा नेता महेंद्रपाल मीणा, मानोता सरपंच सुमन मीना, पंसस समदरशी मीणा सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने आरोपियों को पकडऩे की मांग को लेकर शव को नहीं उठाने दिया। काफी समझाइश के बाद शाम 4 बजे शव को उठाने पर परिजनों ने सहमति दी। इसके बाद थानाप्रभारी ने मृतक का जमवारामगढ़ सीएचसी में पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंपा।
हत्या का मामला दर्ज
थानाप्रभारी ने बताया कि मृतक के परिजन ने मामले को लेकर प्रकाश, डूंगरसिंह सहित करीब एक दर्जन से अधिक लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पांच घंटे बाद कराया पोस्टमार्टम
मृतक के हत्यारों को पकडऩे की मांग को लेकर करीब 11 बजे से ग्रामीणों एवं परिजनों का विरोध प्रदर्शन चलता रहा। परिजनों और ग्रामीणों ने हत्यारों को शीघ्र पकडऩे की मांग की। पुलिस प्रशासन के उच्चाधिकारियों के आश्वासन पर शाम करीब 4 बजे परिजन पोस्टमार्टम के लिए तैयार हुए। मृतक चार भाई है और मृतक के दो लड़की और एक लड़का है और एक लड़की दिव्यांग है।
देरी से आई जमवारामगढ़ पुलिस
ग्रामीणों का आरोप है कि युवक की हत्या के बाद घटनास्थल पर जमवारामगढ़ पुलिस करीब एक घंटे देरी से पहुंची। जबकि कानोता थानाधिकारी नरेन्द्र खीचड़ व बस्सी थानाधिकारी शिवकुमार भारद्वाज जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से समझाइश की। इस दौरान ग्रामीणों ने जमवारामगढ़ पुलिस के प्रति नाराजगी जताई।