
अजमेर.कोराना के कारण दर बदर हुए प्रवासी मजदूरों की आर्थिक स्थित सुधारने के लिए केन्द्र सरकार की गरीब कल्याण रोजगार योजना के तहत जिले प्रवासी मजदूरों को रोजगार देने में ढिलाई बरती जा रही है। इस योजना में 25 विभागों के कार्य शामिल हैं। इनमें से अजमेर में 17 योजनाएं लागू हैं जिनमेंं से 17 दिन बाद भी 9 योजनाओं की प्रगति शून्य है। जिले में इस योजना के तहत 340 करोड़ रुपए खर्च होने हैं जबकि जिले में अब तक 57 करोड़ रुपए ही खर्च किए गए है। लक्ष्य के अनुसार जिले में 65 लाख 54 हजार 723 मानव दिवस सृजित किए जाने है लेकिन अब तक 5 लाख 50 हजार 16 मानव दिवस ही सृजित हो सके। प्रवासी मजदूरों 25 योजनाओं में 125 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाना है। इस योजना के तहत अब तक केवल रेलवे वर्क, नेशलन हाइवे,भारत नेट के तहत फाइबर लाइने डालने का काम लक्ष्य के अनुसार पूरा हो सका है।
इन योजनाओं की प्रगति शून्य
कम्युनिटी सेनेटाइजेशन कॉम्पलेक्स योजना में टार्गेट 147 है जबकि 17 दिन बाद भी प्रगति शून्य है। गाम पंचायत भवन 49 बनाए जाने हैं प्रगति शून्य है। वर्क अंडर फाइनेंस कमिशन फंड के 27 काम करवाए जाने है प्रगति शून्य है। गोट शेड, डिस्ट्रिक्ट मिनरल फंड से होने वाले कार्य,केवीएस के जरिए आजीविका प्रशिक्षण,पीएम कुसुम वर्क,हॉर्टीकल्चर,वर्मी कम्पोस्ट,फॉर्म पॉंड में प्रगति शून्य है। कैम्पा योजना योजना सहित अन्य योजनाओं की प्रगति धीमी है।
मांगने पर मिलेगा रोजगार
गरीब कल्याण रोजगार योजना के तहत प्रवासी मजदूर को उसके कौशल के आधार पर मांगने पर रोजगार उसी ग्राम पंचायत में उपलब्ध करवाया जाएगा। उसे राजकौशल पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए उसे पहले ई-मित्र के जरिए अपनी एसएसओ आईडी बनानी होगी। इस अभियान अन्तर्गत योजना का लाभ ग्रामीण क्षेत्रों के प्रवासी मजदूरों को दिया जाएगा। योजना के तहत 12 मंत्रालयों की योजनाओं को शामिल किया गया। इनमें ग्रामीण विकास,पेयजल एवं स्वच्छता, रोड ट्रांसपोर्ट एवं हाइवे,पंचायती राज, दूरभाष मंत्रालय, खनिज कृषि, शिक्षा एवं रिसर्च,पर्यावरण एवं वन, पेट्रोलियम एवं रक्षा मंत्रालयों के समन्वय से कार्य कराए जाएंगे।
प्रवासी मजदूरों की स्थिति में लाना है सुधार
योजना का उद्देश्य जिला अजमेर के ग्रामीण इलाकों में आजीविका के अवसर बढ़ाना और प्रवासी मजदूरों की स्थिति में सुधार लाना है। गरीब कल्याण योजना के तहत 25 कार्य एवं गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा जिनमें ग्राम पंचायत भवन,वित्त आयोग के फंड के अन्तर्गत आने वाले काम, पौधारोपण, हॉर्टिकल्चर,सडक़ योजना, रेलवे,श्यामा प्रसाद मुखर्जी,आरयूबीन मिशन, आंगनबाड़ी केन्द्र,पीएम आवास योजना (ग्रामीण),पीएम ग्राम ,पीएम कुसुम,भारत नेट के फाइबर ऑप्टिकल बिछाने, जल संरक्षण और सिंचाई, कुंए की खुदाई,कम्युनिटी सेनेटाइजेशन कॉम्पलेक्स, नेशन हाइवे वक्र्स,जल जीवन मिशन आदि विभागों के कार्य करवा जाऐंंगे।
जिला कलक्टर नोडल
केन्द्र सरकार ने 20 जून को यह अभियान देश के 6 राज्यों के 116 जिलों के लिए शुरु किया था। इसमें राजस्थान, बिहार, झारखंड, उत्तरप्रदेश,उड़ीसा तथा मध्य प्रदेश शामिल हैं। इसके लिए 50 हजार करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। राजस्थान में इसके लिए अतिरिक्त प्रमुख सचिव राजेश्वर सिंह को बनाया गया है। अजमेर जिला कलक्टर अजमेर में इसके लिए नोडल अधिकारी हैं।
इनका कहना है
डीएमएफटी के तहत माइनिंग डिपार्टमेंट के 1312 काम चालू है। सेंक्शन व कार्य पूर्णता देखेंगे। बैठक कर रहे हैं अधिकारियों के साथ ही वीसी भी ले रहे हैं। सभी विभागों में माइग्रेंट लेबर को अधिक सेअधिक रोजगार उपलब्ध करवाया जाएगा।
गजेन्द्र सिंह राठौड़,सीईओ जिला परिषद