
राजस्थान के अजमेर जिले में बिजली विभाग की लापरवाही ने एक उपभोक्ता के होश उड़ा दिए। विभाग ने उपभोक्ता को करीब चालीस लाख रूपए का बिजली बिल भेज दिया। मोबाइल में आया मैसेज जब उपभोक्ता ने देखा तो उनके पैरों तले जमीन सरक गई, जबकि परिवार के यहां सोलर सिस्टम भी लगा हुआ था। बाद में जब मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचा तब जाकर मामला शांत हुआ। घटना अजमेर जिले के फकीरा खेड़ा इलाके की है।
दरअसल क्षेत्र में रहने वाले मोहम्मद नासिर ने बिजली की बचत के लिए कुछ महीने पहले घर में सोलर लगाया था। उसके बाद बिजली बिल लगभग शून्य हो गया था। लेकिन तेज गर्मी के चलते करीब सौ से चार सौ रूपए बिल आ रहा था। इस बार भी करीब 421 रुपए का बिल आने वाला था। इसकी जानकारी पहले ही मैसेज के जरिए प्राप्त हो गई थी। सोलर का कनेक्शन परिवार के ही शाहीन नाम के व्यक्ति के नाम से था। लेकिन सोमवार को जब बिजली विभाग का मैसेज आया तो पूरा परिवार शॉक्ड हो गया। बिजली विभाग ने 39 लाख, 93 हजार, 40ं1 रुपए का बिल भेज दिया।
इसकी जानकारी जब परिवार को मिली तो वे टाटा पावर कार्यालय पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। परिवार ने बताया कि उन्हें लगा किसी ने बिल से छेड़छाड़ की है। लेकिन जब जानकारी मिली तो वे लोग दंग रह गए। पता चला कि बिल करीब चार सौ बीस रूपए का आना था। लेकिन वह चालीस लाख का आ गया। इसकी सूचना टाटा कार्यालय से होते हुए बिजली विभाग तक पहुंची। दो से तीन दिन तक जांच की गई तो पता चला कि नए सॉफ्टवेयर में किसी गड़बड़ी के चलते बिल इतना ज्यादा आ गया। विभाग ने अपनी गलती मानी और उसके बाद बिल को कैंसिल किया गया। परिवार ने अब राहत की सांस ली है।
उल्लेखनीय है कि राजस्थान भी तेजी से सोलर की ओर रूख कर रहा है। बड़ी संख्या में लोग अपने घरों में सोलर लगा रहे हैं और बिजली की बचत के साथ ही बिल की बचत भी कर रहे हैं। सोलर लगाने में सबसे आगे गुजरात है और उसके बाद उत्तर प्रदेश का नंबर आता है। राजस्थान फिलहाल तीसरे नंबर पर है। देश भर में पीएम सूर्यघर योजना के तहत सोलर लगाए जा रहे हैं और सरकार अधिकतम 78000 तक की सब्सिडी दे रही है।