सीकर

सीकर में अनोखी शादी, निर्धन सफाईकर्मी की दो बेटियों की शादी में अयोध्या-हरिद्वार से आएंगे संत ! छपे 5000 कार्ड

Safaikarmi Daughter Wedding In Sikar: पिछले 20-25 वर्षों से सफाई का काम कर रहे राधेश्याम की बेटियां निकिता 20 और निशा 22 अब सम्मान और धूमधाम से विदा होंगी। आज दोनों की शादी है।
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Feb 19, 2026
Wedding
Photo: Patrika

Sikar News: सीकर शहर की गलियों को साफ रखने वाले सफाईकर्मी राधेश्याम ने शायद कभी नहीं सोचा होगा कि एक दिन पूरा शहर उनकी बेटियों की शादी का जिम्मा अपने कंधों पर उठा लेगा। पिछले 20-25 वर्षों से सफाई का काम कर रहे राधेश्याम की बेटियां निकिता 20 और निशा 22 अब सम्मान और धूमधाम से विदा होंगी। आज दोनों की शादी है।

चिंता में थे पिता, आर्थिक हालात बेहद खराब, फिर कई समाज के लोग आए आगे

आर्थिक सीमाओं के कारण पिता चिंतित थे, लेकिन जैसे ही उनकी परेशानी सामने आई, एक बड़े ट्रस्ट और कुछ अन्य लोगों ने इस शादी का जिम्मा उठाने की बात कही। उनका कहना था कि अब यह हमारे घर की शादी है और इस शादी को पूरा शहर याद रखेगा। पिता राधेश्याम की आंखे भर आई और उन्होंने बेटी की शादी करा रहे लोगों का आभार जताया।

भव्य आयोजनः हजारों कार्ड, महंगा गार्डन और संतों की मौजूदगी

दोनों बेटियों की शादी के लिए सीकर के दयालबाग मैरिज गार्डन को चुना गया है। शहरभर में 5 हजार से अधिक निमंत्रण पत्र बांटे गए हैं और करीब 5 से छह हजार लोगों के भोजन की व्यवस्था की गई है। हलवाई पारंपरिक व्यंजन तैयार कर रहे हैं। आयोजन में अयोध्या और हरिद्वार सहित देशभर से संतों को आमंत्रित किया गया है। सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्यों का संदेश भी निमंत्रण पत्र में शामिल किया गया है। आयोजन को लेकर प्रदेश स्तर से भी शुभकामनाएं मिली हैं। ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने बताया कि कि राधेश्याम वर्षों से मोहल्ले में सेवा दे रहे हैं। ऐसे में उनकी बेटियों की शादी को परिवार की जिम्मेदारी मानकर पूरा समाज आगे आया है।

विदाई में सम्मानः गृहस्थी का पूरा सामान और नई शुरुआत

शादी समारोह में दोनों बेटियों को गृहस्थी का संपूर्ण सामान भेंट किया जाएगा जिसमें बेड, सोफा, एलईडी टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, अलमारी, दुल्हन के वस्त्र सहित अन्य आवश्यक सामग्री। दोनों दूल्हों को एक.एक बाइक भी दी जाएगी। निशा की शादी अजमेर के कल्याणीपुरा निवासी योगेश से और निकिता की शादी फतेहपुर निवासी विशाल से आज हो रही है। राधेश्याम ही नहीं उनकी पत्नी भी इस पूरे काम से भावुक हो रही हैं, उनका कहना है कि हमेशा से बेटियों की शादी की चिंता थी, कभी नहीं सोचा था कि पूरा शहर इसमें योगदान देगा।

उल्लेखनीय है कि यह आयोजन सिर्फ दो बेटियों का विवाह नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और समरसता की मिसाल बन गया है, जहां पद, वर्ग और सीमाएं पीछे रह गईं और इंसानियत आगे खड़ी नजर आ रही है।

Updated on:
19 Feb 2026 11:25 am
Published on:
19 Feb 2026 11:25 am