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IIM से MBA, Microsoft की Job छोड़ बने IAS; अब सादगी से शादी कर इस IAS कपल ने जीता इंटरनेट का दिल

IAS Madhav Bhardwaj Or IAS Aditi Varshney Wedding: जब IAS माधव भारद्वाज और अदिति वासने ने करोड़ों का पैकेज और रसूख छोड़ सादगी को चुना, तो पूरी दुनिया देखती रह गई। जानिए IIM से MBA और माइक्रोसॉफ्ट की नौकरी से लेकर जिला कलेक्टर के चैंबर में हुई इस अनोखी शादी की पूरी कहानी।

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अलवर

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Jayant Sharma

Feb 19, 2026

Ias Couple Unique wedding pic

IAS Couple Success Story: आज के दौर में जहाँ शादियां करोड़ों के बजट और शाही तामझाम के लिए जानी जाती हैं, वहीं राजस्थान के अलवर में तैनात SDM माधव भारद्वाज और गुजरात के जामनगर की SDM अदिति वासने ने एक ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी चर्चा पूरे देश में हो रही है।

कलेक्टर चैंबर में पहनाई माला, न बैंड-बाजा न बाराती

बुधवार को अलवर के मिनी सचिवालय का नजारा बेहद खास था। बिना किसी शोर-शराबे और वीआईपी गेस्ट के, जिला कलेक्टर अर्पिता शुक्ला के सामने दो युवा आईएएस अधिकारियों ने कोर्ट मैरिज की। इस शादी में न तो कोई फिजूलखर्ची थी और न ही भारी दिखावा। केवल परिवार की मौजूदगी में दोनों ने एक-दूसरे को माला पहनाई और जीवन भर के लिए एक-दूसरे का हाथ थाम लिया।

LBSNAA की वादियों से शुरू हुआ था सफर

उत्तराखंड के मसूरी के रहने वाले माधव भारद्वाज के पिता लबासना (LBSNAA) में ही कार्यरत थे। जिस परिसर को दुनिया देखने को तरसती है, माधव वहीं पले-बढ़े। उनकी और अदिति (बरेली, यूपी निवासी) की मुलाकात आईएएस की ट्रेनिंग के दौरान हुई थी। यहीं दोस्ती प्यार में बदली और दोनों ने तय किया कि वे समाज को 'सादगी' का संदेश देते हुए विवाह बंधन में बंधेंगे।

माइक्रोसॉफ्ट का 'करोड़ों का पैकेज' छोड़ चुना कांटों भरा रास्ता

माधव की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है।

  • शिक्षा: MNNIT प्रयागराज से बीटेक और फिर IIM अहमदाबाद से MBA।
  • करियर: दिग्गज कंपनी Microsoft में बतौर प्रोडक्ट मैनेजर शानदार सैलरी पर काम कर रहे थे।
  • टर्निंग पॉइंट: 2020 के कोरोना काल में 'वर्क फ्रॉम होम' के दौरान उन्होंने यूपीएससी का सपना देखा।असफलता को बनाया सीढ़ीमाधव बताते हैं कि पहले प्रयास में वह महज 3 अंकों से फाइनल सिलेक्शन से चूक गए थे। लेकिन हताश होने के बजाय, उन्होंने ऑफिस के काम के साथ रात-रात भर पढ़ाई की। आखिरकार UPSC 2022 में 536वीं रैंक हासिल कर अपना सपना पूरा किया। बता दें कि माधव लोकोमोटर दिव्यांगता (Locomotor Disability) श्रेणी में आते हैं, लेकिन उनकी इच्छाशक्ति के आगे हर चुनौती छोटी साबित हुई।वहीं, उनकी पत्नी IAS अदिति वासने भी प्रतिभा की धनी हैं। उन्होंने मिरांडा हाउस से पढ़ाई की और अपने पहले ही प्रयास में 57वीं रैंक हासिल कर बरेली का मान बढ़ाया था। उल्लेखनीय है कि जब रसूख और पैसा होने के बावजूद अफसर सादगी चुनते हैं, तो वह समाज के लिए एक बड़ा संदेश बन जाता है। माधव और अदिति की यह 'सिंपल वेडिंग' उन लोगों के लिए जवाब है जो शादियों को केवल स्टेटस सिंबल मानते हैं।