- पशुपालन विभाग ने 5 गाय और 2 भैंस के सेम्पल लेकर भेजे भोपालराजसमंद के ग्रामीण क्षेत्र से नमून लेते पशुपालन विभाग के चिकित्सक व अन्य।
राजसमंद. जिले में लंपी स्किन डिजीज के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। जिले में अभी तक इसके 153 मामले सामने आ चुके हैं। पशुपालन विभाग ने शनिवार को सात पशुओं के सेम्पल लेकर भोपाल जांच के लिए भेजे हैं। हालांकि पशु पालन विभाग का दावा है कि जिले में इससे अभी तक एक भी पशु की मौत नहीं हुई है। प्रदेश में पिछले कई दिनों से पशुओं में लम्पी स्किन डिजीज बीमारी फैल गई है। इस बीमारी ने जिले के पशुओं को भी अपनी जद में ले लिया है। जिले में 8 अगस्त को खटामला गांव में एक पशुपालक की गाय में इसके लक्षण दिखाई दिए थे। पशुपालन विभाग को जानकारी मिलते ही उसका तुरंत उपचार शुरू कर दिया था। स्थिति यह है कि पिछले एक सप्ताह में इससे 153 से अधिक पशु सामने आ चुके हैं। पशुओं में तेजी से बीमारी फैलने के चलते पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. अजय अरोड़ा ने बताया कि शनिवार को देलवाड़ा तहसील के ग्राम पंचायत शिशवी केघराम शीला का गुड़ा, रामपुरिया एवं लोलेरा का गुड़ा से दो भैंस और 5 पशुओं के रक्त के नमूने लेकर जांच केलिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीच भोपाल को भेजे गए हैं। जिला रोग निदान प्रयोगशाला राजसमंद के प्रभारी डॉक्टर जगदीश जीनगर के नेतृत्व में क्षेत्रीय पशु रोग निदान केंद्र उदयपुर के अजय कुमार के साथ ही डॉ. लोकेश छीपा, पशुधन सहायक जगवीर गुर्जर एवं दिव्या पंचोली के सहयोग से गायों और भैंसों के रक्त के नमूने, नेजल स्वाब व त्वचा में हुई घाठो आदि के नमूने लिए गए। उल्लेखनीय है कि राजस्थान पत्रिका में 8 अगस्त को च्खटामला के एक पशु में दिखाई दिए लंपी स्किन डिजीज के लक्षणज् शीषर्क से समाचार प्रकाशित कर पशुपालन विभाग और पशुपालकों को अलर्ट किया था। इसमें पशुओं की देखभाल के बारे में भी जानकारी दी गई थी।