
Asian Hockey Champions Trophy Final, India vs Japan: गुरुवार को भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने छठी बार एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब अपने नाम कर लिया। मोहाली में खेले गए खिताबी मुकाबले में पहले हाफ तक जापान ने 1-0 की बढ़त हासिल कर ली थी, लेकिन उसके बाद भारतीय टीम ने शानदार वापसी की और लगातार तीसरी बार एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब अपने नाम कर लिया। भारत के लिए शिलानंद लकड़ा, दिलप्रीत सिंह, जुगराज सिंह और विवेक सागर प्रसाद ने गोल किए, जबकि जापान के लिए इकलौता गोल काजूमासा मासुमोतो ने तीसरे मिनट में किया था।
मुकाबले की शुरुआत काफी रोमांचक रही, जहां जापानी खिलाड़ी मासुमोतो ने भारतीय गोलकीपर सूरज करकेरा को छकाते हुए रिवर्स हिट की मदद से शानदार गोल कर दिया। उसके बाद पहले हाफ में भारतीय खिलाड़ी लगातार वापसी के लिए संघर्ष करते रहे, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। तीसरे मिनट में गोल करने के बाद जापान पूरी तरह से डिफेंस मोड में चला गया और उसने भारत के सभी आक्रमणों को गोल में जाने से रोक लिया।
हालांकि, इस दौरान अभिषेक और हार्दिक सिंह ने कई मौके बनाए, लेकिन जापानी गोलकीपर ने उन्हें नाकाम कर दिया। आखिरकार 42वें मिनट में भारतीय टीम को सफलता मिली। पेनल्टी कॉर्नर के दौरान हरमनप्रीत सिंह गोल करने में नाकाम रहे, लेकिन इसके बावजूद आदित्य ने रिवर्स फ्लिक से शानदार पास दिया, जिसे शिलानंद लकड़ा ने गोल में तब्दील करके भारत को बराबरी दिला दी। हालांकि, इसके बाद जापान ने दावा किया कि गोल नहीं हुआ था, लेकिन टीवी अंपायर ने फैसले को नहीं बदला।
इसके बाद आखिरी क्वार्टर में 48वें मिनट में गोल कर टीम इंडिया ने बढ़त हासिल कर ली। दिलप्रीत सिंह ने गोल कर भारत को आगे कर दिया। इसके बाद जुगराज सिंह ने डायरेक्ट हिट की मदद से स्कोर 3-1 कर दिया, जबकि आखिरी गोल रिबाउंड के मौके पर विवेक सागर प्रसाद ने किया और स्कोर 4-1 हो गया।
इसके बाद जब 10 मिनट 10 सेकंड का खेल बचा था, तब जापान को पेनल्टी कॉर्नर जरूर मिला, लेकिन भारतीय डिफेंस ने उसे नाकाम कर दिया और जीत हासिल कर ली।