
FIFA World Cup 2026 goalkeepers: FIFA वर्ल्ड कप 2026 में जहां दुनिया की नजरें लियोनल मेसी, किलियन एमबापे, एर्लिंग हालैंड और क्रिस्टियानो रोनाल्डो जैसे बड़े खिलाड़ियों पर थीं, वहीं कुछ अनजान गोलकीपर्स ने अपनी टीमों के लिए असली हीरो बनकर सबको चौंका दिया। ईरान के अलीरेज़ा बेइरानवंद, कांगो के लियोनेल म्पासी, क्यूरासाओ के गोलकीपर एलोय रूम और केप वर्डे के वोजिंहा इस टूर्नामेंट में अपनी शानदार गोलकीपिंग से चर्चा में आ गए हैं।
केप वर्डे, जो पहली बार वर्ल्ड कप खेल रहा है, उसके 40 साल के गोलकीपर वोजिंहा ने स्पेन और उरुग्वे जैसी बड़ी टीमों के खिलाफ ड्रा कराने में अहम भूमिका निभाई। अटलांटा स्टेडियम में खेले गए मैच में उन्होंने कई मुश्किल शॉट रोके।
क्यूरासाओ के एलोय रूम ने इक्वाडोर के खिलाफ कैनसस सिटी में खेले गए मैच में 15 शानदार सेव्स किए, जो वर्ल्ड कप के एक मैच में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा सेव्स में से एक है। उनका प्रदर्शन टीम के लिए बहुत महत्वपूर्ण रहा।
ईरान के अलीरेज़ा बेइरानवंद ने बेल्जियम के खिलाफ एक अविश्वसनीय सेव किया, जिसे टूर्नामेंट का अब तक का सबसे बेहतरीन सेव माना जा रहा है। उन्होंने गिरते हुए भी अपनी बाईं हाथ से गेंद को रोक दिया।
कांगो के लियोनेल म्पासी ने कोलंबिया के खिलाफ मैच में 8 बड़े सेव्स किए। कोलंबिया ने 19 शॉट मारे, जिनमें से 9 ऑन टारगेट थे, लेकिन म्पासी ने अपनी टीम को लंबे समय तक मुकाबले में बनाए रखा। म्पासी की कहानी भी संघर्ष से भरी रही है। उन्होंने कई साल तक लोअर लीग्स में खेला और 31 साल की उम्र में लीग 1 में डेब्यू किया। उन्होंने कांगो को वर्ल्ड कप तक पहुंचाने में बड़ा योगदान दिया।
इन सभी गोलकीपर्स की कहानी एक जैसी है, संघर्ष, मेहनत और कभी हार न मानने वाला जज्बा सभी में ही देखने को मिला। जहां बड़े स्टार गोल कर रहे हैं, वहीं ये खिलाड़ी अपनी टीम को बचाने का काम कर रहे हैं। अटलांटा और कैनसस सिटी जैसे स्टेडियम में इनकी परफॉर्मेंस ने साबित कर दिया कि वर्ल्ड कप सिर्फ गोल करने वालों का नहीं, बल्कि बचाने वालों का भी खेल है।