
Gautam Gambhir Five Important Innings: टीम इंडिया के पूर्व ओपनर और मौजूदा मुख्य कोच गौतम गंभीर आज अपना 45वां जन्मदिन मना रहे हैं। 14 अक्टूबर 1981 को जन्मे गौतम गंभीर ने अपने करियर में कई यादगार पारियां खेलीं। बड़े मुकाबलों में दबाव के बीच जिम्मेदारी संभालना उनकी बल्लेबाजी की खास पहचान रही। ऐसे में आइए, उनके करियर की पांच यादगार पारियों पर नजर डालते हैं।
गौतम गंभीर ने वनडे वर्ल्ड कप 2011 के फाइनल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने 2 अप्रैल 2011 को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में श्रीलंका के खिलाफ वर्ल्ड कप फाइनल में 122 गेंदों पर 97 रन की पारी खेली थी। भारत ने उस मैच में श्रीलंका से मिले 275 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए अपने शुरुआती विकेट गंवा दिए थे। ऐसे में गौतम गंभीर ने विराट कोहली और एमएस धोनी के साथ अहम साझेदारियां कीं। उनकी पारी ने भारत की खिताबी जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
गौतम गंभीर ने टी-20 वर्ल्ड कप 2007 के फाइनल में शानदार बल्लेबाजी कर टीम इंडिया को खिताबी जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 24 सितंबर 2007 को पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए फाइनल में गौतम गंभीर ने 54 गेंदों पर 75 रन की शानदार पारी खेली। भारत ने निर्धारित 20 ओवर में 5 विकेट पर 157 रन बनाए थे। रोमांचक मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 5 रनों से हराकर पहला टी20 वर्ल्ड कप अपने नाम किया। गौतम गंभीर की पारी इस जीत का अहम आधार बनी।
मार्च 2009 में नेपियर टेस्ट के दौरान गंभीर ने दूसरी पारी में 436 गेंदों का सामना करते हुए 137 रन बनाए। इस मैच में गौतम गंभीर ने लगभग 10 घंटे 43 मिनट तक क्रीज पर टिककर भारत को फॉलोऑन के बाद मैच बचाने में मदद की। यह उनके टेस्ट करियर की सबसे धैर्यपूर्ण पारियों में गिनी जाती है।
अक्टूबर 2008 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान पर गंभीर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 206 रन की पारी खेली। यह उनके टेस्ट करियर का पहला दोहरा शतक था। उनकी इस पारी ने भारतीय टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया और उनकी तकनीकी क्षमता को साबित किया। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच यह मुकाबला ड्रॉ रहा था।
गौतम गंभीर ने 2009 में श्रीलंका के खिलाफ वनडे मुकाबले में नाबाद 150 रन बनाए। यह उनके वनडे करियर का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर रहा। इस पारी ने सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनकी शानदार बल्लेबाजी क्षमता को दर्शाया। उनकी इस शानदार पारी से भारत ने श्रीलंका को 67 रन से हराया था।
गौतम गंभीर की ये पारियां उनके करियर के खास अध्याय हैं। 2007 टी-20 वर्ल्ड कप और 2011 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में उनके योगदान को भारतीय क्रिकेट प्रशंसक आज भी याद करते हैं।