
Team India Rowing World Cup Medal: एक महीने पहले भारत के रोइंग का पहला गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा था। लेकिन अब वह मेडल भारत से छिन सकता है। जून 2026 में स्विट्जरलैंड के लुसाने के रोटसी लेक में आयोजित रोइंग वर्ल्ड कप में भारत को पहला गोल्ड मेडल दिलाने वाली जोड़ी के सदस्य लक्ष्य डोप टेस्ट में फेल हो गए हैं। जिसके बाद अब भारत से ऐतिहासिक मेडल पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। रोइंड टीम की जोड़ी लक्ष्य और उज्ज्वल कुमार सिंह ने वर्ल्ड कप की लाइटवेट डबल्स स्कल्स इवेंट में का गोल्ड अपने नाम किया था।
लक्ष्य और उज्ज्वल कुमार सिंह ने फाइनल रेस 6 मिनट 26.09 सेकंड का समय निकालकर पहला स्थान हासिल किया था। रोइंड वर्ल्डकप में यह भारत का पहला गोल्ड मेडल था। इस जीत ने कई युवाओं को इस खेल के प्रति आकर्षक किया था। दोनों रोइर्स की उपलब्धि ने इतिहास तो रचा ही साथ ही खेल की दुनिया में एक अलग पहचान बनाई। लेकिन अब उस उपलब्धि पर सवाल खड़े हो रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार लक्ष्य के सैंपल में स्टैनोजोलोल नामक प्रतिबंधित पदार्थ पाया गया है। यह सैंपल 25 मई 2026 को वर्ल्डकप से पहले लिया गया था। इस दौरान वर्ल्डकप में भाग लेने वाले और मेडल जीतने वाले सभी रोवर्स का टेस्ट वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले किया गया था।
इस रिपोर्ट के आने के बाद राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने लक्ष्य को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। नाडा में लक्ष्य को नोटिस भेज दिया है और जांच में जुट गई है। बता दें कि लक्ष्य का सैंपल 25 मई को लिया गया था। ऐसे में उस तारीख के बाद जो भी उन्होंने हासिल किया है, उसे रद्द कर दिया गया है। यही वजह है कि लुसाने में जीता गया गोल्ड मेडल भी भारत से छिन सकता है, जहां उन्होंने उज्ज्वल कुमार सिंह के साथ मिलकर भारत को पहला गोल्ड मेडल दिलाया था।
हालांकि लक्ष्य को अपनी सफाई देने और उन पर लगे आरोपो को गलत साबित करने का मौका मिलेगा और अगर वह ऐसा करने में सफल नहीं होते हैं तो उन पर 4 साल का बैन लग सकता है। हरियाणा के लक्ष्य ने पिछले साल एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था और इसी इवेंट में सिल्वर भी जीता था।