
Team India Fifa World Cup Dream: 12 जून से फीफा वर्ल्ड कप 2026 शुरू होने जा रहा है, जहां दुनिया की 48 टीमें इस टूर्नामेंट में भाग लेंगी। इन 48 में टीम इंडिया जगह नहीं बना पाई है। वर्ल्डकप के दौरान भारतीय फुटबॉल फैंस की नजरें भले ही दूसरी टीमों पर रहती हैं लेकिन कहीं न कहीं मन में ये इच्छा होती है कि काश भारतीय टीम भी फीफा वर्ल्डकप खेलती! आज तक इस टूर्नामेंट से दूर रहने वाली टीम इंडिया को 1950 के वर्ल्डकप में खेलने का मौका मिला था लेकिन टीम फिर भी नहीं खेल पाई।
हर बार की तरह इस बार भी ज्यादातर भारतीय फैंस अर्जेंटीना, ब्राजील, फ्रांस और पुर्तगाल जैसी बड़ी टीमों को सपोर्ट करते नजर आएंगे। लेकिन उनके मन में ये कसक जरूर रहेगी कि यहां टीम इंडिया नहीं है। सिर्फ इस बार नहीं टीम इंडिया कभी भी इस टूर्नामेंट में नहीं खेल पाई है। चलिए जानते हैं आखिर 1950 में ऐसा क्या हुआ था कि टीम इंडिया को वर्ल्डकप खेलने का मौका मिला और उसके बावजूद भारतीय टीम भाग नहीं ले पाई थी।
एक दौर था जब भारत को एशिया कप मजबूत टीमों में गिनती होती थी। साल 1950 में ब्राजील में आयोजित फीफा वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम ने क्वालिफाई किया था। उस समय एशियाई रीजन की कई टीमों ने अपना नाम वापस ले लिया था, जिसके बाद भारत को सीधे टूर्नामेंट में जगह मिल गई थी। यह भारतीय फुटबॉल के इतिहास का सबसे बड़ा मौका माना जाता है।
हालांकि भारतीय टीम इस ऐतिहासिक टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले सकी। इसके पीछे कई वजहें बताई जाती हैं, लेकिन सबसे बड़ी वजह आर्थिक समस्या मानी जाती है। उस दौर में ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) के पास टीम को ब्राजील भेजने के लिए पर्याप्त पैसा नहीं था। लंबी यात्रा और खिलाड़ियों के खर्च को उठाना फेडरेशन के लिए आसान नहीं था। इसके अलावा उस समय फुटबॉल की तुलना में ओलंपिक को ज्यादा महत्व दिया जाता था, इसलिए भी वर्ल्ड कप को लेकर ज्यादा गंभीरता नहीं दिखाई गई।
माना जाता है कि अगर भारत उस समय फीफा वर्ल्ड कप में खेलता, तो शायद आज भारतीय फुटबॉल की तस्वीर अलग होती। इसके बाद से भारत कभी भी फीफा वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाया। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में भारतीय फुटबॉल में सुधार जरूर देखने को मिला है। इंडियन सुपर लीग (ISL) के आने से फुटबॉल की लोकप्रियता बढ़ी है और युवा खिलाड़ियों को भी बेहतर मंच मिला है। लेकिन टीम इंडिया अभी उतना भी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रही है कि फीफा वर्ल्डकप खेल ले।