
Suchika Tariyal Wins Bronze Medal: सुचिका तारियाल ने एशियन गेम्स के मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स का पहला मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। सोमवार की सुबह उन्होंने सेमीफाइनल में सिंगापुर की टियो हुई हूं के साथ जमकर मुकाबला किया। हालांकि, जजों ने उनके खिलाफ फैसला किया, जिससे सुचिका नाराज नजर आईं। हालांकि, इसके बावजूद उन्होंने ऐतिहासिक ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया। मार्शल आर्ट में सेमीफाइनल में हारने वाली फाइटर को भी मेडल दिया जाता है।
एशियन गेम्स में मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स को पहली बार शामिल किया गया, जहां महिलाओं के 60 किलोग्राम भार वर्ग का सेमीफाइनल मुकाबला काफी रोमांचक रहा। भारतीय फाइटर ने पहले राउंड में सिंगापुर की फाइटर को टक्कर दी हालांकि फैसला अपने पक्ष में नहीं कर सकीं। हालांकि दूसरे राउंड में उन्होंने सिंगापुर की फाइटर को हरा दिया। इसके बाद जजों ने 1 मिनट का अतिरिक्त समय दिया। अंतिम राउंड में भी सिंगापुर की फाइटर को विजेता घोषित कर दिया गया। हालांकि, इस फैसले के बाद सुचिका मैट पर ही रोने लगीं। वह जजों के फैसले से खुश नहीं थीं। हालांकि, बाद में कोच ने उन्हें समझाया। जिसके बाद भारतीय फाइटर रेफरी के पास गईं और रिजल्ट को स्वीकार किया।
36 साल की सुचिका भारत की अनुभवी फाइटर हैं। इससे पहले उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 और 2023 के एशियन गेम्स में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था। तब उन्होंने जुडो और कुराश में भाग लिया था। 2024 में वह जिउ-जित्सु की वर्ल्ड चैंपियन बनीं। इससे पहले मंगोलिया की फाइटर को क्वार्टरफाइनल में 2-0 से हराकर भारत का ऐतिहासिक मेडल पक्का किया।
एशियन गेम्स 2026 के दूसरे दिन देश को पहला मेडल शूटिंग इवेंट से आया, जब मेंस टीम ने 10 मीटर एयर राइफल के फाइनल में सिल्वर मेडल जीता। इसके बाद सुचिका ने कमाल किया और चौथा मेडल दिलाया। इसके बाद 10 मीटर एयर राइफल के व्यक्तिगत फाइनल में हिमांशु ढिल्लों ने सिल्वर और रुद्रांक्ष ने कांस्य पदक जीता। अब तक भारत ने 6 मेडल जीत लिए हैं। खेलों के दूसरे दिन अभी कई इवेंट्स में और भी मेडल आ सकते हैं। फिलहाल मेडल टेबल में भारत 10वें स्थान पर है।