
World Athletics: विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप पहली बार अफ्रीका में आयोजित की जाएगी। केन्या की राजधानी नैरोबी को 2029 की मेजबानी सौंपी गई है। इसकी घोषणा मंगलवार को की गई। विश्व एथलेटिक्स के अध्यक्ष सेबेस्टियन को ने हंगरी में आयोजित अल्टीमेट चैंपियनशिप के बाद इस फैसले की घोषणा करते हुए कहा, 'हमारी चैंपियनशिप को पहली बार अफ्रीका ले जाना ऐतिहासिक होगा। एथलेटिक्स केन्या के ताने-बाने में बसा हुआ है।' इसके बाद यह चैंपियनशिप जर्मनी लौटेगी, जहां म्यूनिख पहली बार इस आयोजन की मेजबानी करेगा।
विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप की मेजबानी के दावेदारों में लंदन, म्यूनिख और रोम भी शामिल थे, लेकिन इन्हें सफलता नहीं मिली। केन्या ने इन दावेदारियों को पीछे छोड़ते हुए मेजबानी हासिल की। इस फैसले का स्वागत करते हुए केन्या के खेल मंत्री सलीम म्वुर्या ने कहा कि यह आयोजन एक ऐसे देश की क्षमता को प्रदर्शित करेगा, जहां दौड़ना उसकी पहचान का हिस्सा बन चुका है।
केन्या को World Athletics Championships 2029 की मेजबानी भले ही मिल गई हो, लेकिन उसके एथलीटों से जुड़े डोपिंग मामलों पर भी नजर बनी रहेगी। पिछले कुछ वर्षों में कई शीर्ष केन्याई धावकों पर डोपिंग के आरोप लगे हैं और उन्हें प्रतिबंध का सामना करना पड़ा है। मैराथन की विश्व रिकॉर्ड धारक रूथ चेपंगेटिच भी डोपिंग के कारण तीन साल के प्रतिबंध की सजा काट रही हैं। वह पिछले एक दशक में डोपिंग के कारण प्रतिबंधित किए गए कई बड़े केन्याई एथलीटों में शामिल हैं।
केन्या लंबे समय से लंबी दूरी की दौड़ में दुनिया के सबसे मजबूत देशों में शामिल रहा है। यहां से कई बड़े धावक और मैराथन एथलीट सामने आए हैं। हालांकि, देश ने अभी तक इतने बड़े स्तर की विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप की मेजबानी नहीं की थी। 2029 में नैरोबी में होने वाला यह आयोजन केन्या के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
World Athletics Championships का आयोजन अगले साल चीन की राजधानी बीजिंग में होगा। यह चैंपियनशिप 10 दिनों तक चलेगी। इसमें एथलेटिक्स की सभी प्रमुख स्पर्धाएं शामिल होंगी। इनमें पुरुषों की ट्रिपल जंप, शॉट पुट, रेस वॉक और मैराथन जैसी स्पर्धाएं भी शामिल हैं। इन प्रतियोगिताओं को पिछले सप्ताह बुडापेस्ट में आयोजित अल्टीमेट चैंपियनशिप के कार्यक्रम में शामिल नहीं किया गया था।