हाईकोर्ट ने 22 ग्राम पंचायतों में चयन प्रक्रिया लगाई रोकशेष 202 पंचायतों के अभ्यार्थियों ने अधिकारियों से लगाई गुहार
श्रीगंगानगर।
इसे गलफत कहे या फिर अधिकारियों की हठ धर्मिता कि चयन प्रक्रिया पूरी की शर्ते होने के बावजूद नियुक्तियां जारी करने पर चुप्पी साध ली है।जिले में ग्राम पंचायत सहायक भर्ती के मामले में उन अभ्यार्थियों ने सोमवार को जिला परिषद, शिक्षा अधिकारी और जिला कलक्टर के समक्ष अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए गुहार लगाई। इन अभ्यार्थियों का कहना था कि हाईकोर्ट में जिले की 22 ग्राम पंचायतों में भर्ती प्रक्रिया की अनदेखी करने के संबंध में रोक लग गई है लेकिन शेष 202 ग्राम पंचायतों में इस भर्ती के लिए जिला परिषद, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारभिंक अलग अलग निर्देश बताकर मनमर्जी कर रहे है। इन अभ्यार्थियों ने जिला कलक्टर के समक्ष भी पूरे मामले में कानूनी पहलूओ को ध्यान में रखते हुए जिला चयन कमेटी को आदेश दिया जाएं। ताकि अभ्यार्थियो को राहत मिल सके। इससे पहले वंचित विद्यार्थी संघर्ष समिति के संयोजक राजकुमार सिंह की अगुवाई में अभ्यार्थियों ने जिला परिषद के सीईओ विश्राम मीणा, डीईओ प्रारभिंक रमेश शर्मा और जिला प्रशासन के समक्ष पेश होकर पूरे घटनाक्रम से अवगत करवाया।
आदेश को सीईओ ने समझा, डीईओ ने नामंजूर किया
इस बीच वंचित विद्यार्थी संघर्ष समिति का कहना था कि जिला परिषद सीईओ ने उनकी पीड़ा का वाजिब बताया है लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी प्रारभिंक अपनी बात से मुकर गए है। समिति का कहना था सीईओ ने यहां तक स्वीकारा है कि हाईकेर्ट ने 22 ग्राम पंचायतों में स्टे कर रखा है अन्य ग्राम पंचायतों पर यह लागू नहीं होता। समिति संयोजक ने बताया कि यहां तक कि राजसमंद, जालौर, बूंदी आदि जिलों में ग्राम पंचायत सहायक भर्ती की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, यदि हाईकोर्अ ने पूरे प्रदेश में भर्ती पर रोक लगाइ्र होती तो वहां भी यह नियम लागू हो सकता था। हाईकोर्ट के आदेश को जानबूझकर अपने अपने हिसाब से पारिभाषित करते हुए समझ रहे है। हालांकि डीईओ ने इस संबंध में अपने विभाग से मार्गदर्शन मांगा है।
तो फिर आंदोलन करेंगे
संघर्ष समिति के संयोजक ने बताया कि यदि अगले तीन दिन में अभ्यार्थियों के संबंध में चयन की प्रक्रिया पूरी नहीं होती है तो फिर से आंदोलन किया जाएगा। इसके लिए व्यापक स्तर पर धरना प्रदर्शन करेंगे। इस संबंध में राज्य सरकार को भी अवगत करवाया गया है।