मिथिलांचल समाज का लोकपर्व छठ पूजा मंगलवार को 'नहाय खाय' के साथ शुरू हुआ। इस दिन मिथिलांचल समुदाय के लोग सुबह स्नान आदि कर शुद्ध हुए।
श्रीगंगानगर.
मिथिलांचल समाज का लोकपर्व छठ पूजा मंगलवार को 'नहाय खाय' के साथ शुरू हुआ। इस दिन मिथिलांचल समुदाय के लोग सुबह स्नान आदि कर शुद्ध हुए। इसके बाद घरों में पकवान बनाए गए। इन पकवानों में मुख्य रूप से चने अथवा अरहर की दाल, लौकी की सब्जी आदि शामिल रहती है। सुबह इन्हीं से भोजन के बाद बुधवार को खरना मनाया जाएगा तथा इस दिन गन्ने के रस से खीर तैयार की जाएगी। इसके खाने के बाद व्रत की शुरुआत होगी। इसके अगले दिन यानी गुरुवार शाम को अस्तांचल गामी सूर्य को अघ्र्य दिया जाएगा। पूरी रात धार्मिक आयोजनों के बाद शुक्रवार सुबह उदय होते सूर्य को अघ्र्य देकर व्रत का पारणा किया जाएगा।
मुख्य आयोजन कल
छठ पूजा का मुख्य आयोजन गुरुवार को होगा। मिथिला सेवा समिति एवं छत्रपति शिवाजी फाउण्डेशन ट्रस्ट के तत्वावधान में हिन्दुमलकोट रोड स्थित तीन पुली पर होने वाले कार्यक्रम के दौरान धार्मिक आयोजन होंगे।
शुरुआत गुरुवार दोपहर दो बजे सांस्कृतिक कार्यक्रम से होगी। सांझ का अघ्र्य शाम पौने छह बजे तथा महाआरती शाम सवा 6 बजे होगी। जागरण रात सवा नौ बजे शुरू होगा।शुक्रवार सुबह 6:52 बजे भोर का अघ्र्य और सुबह सात बजे महाआरती होगी। जागरण में कलाकार मधुबन व्यास और विजेन्द्र गिरी भजन प्रस्तुत करेंगे। जागरण में लंगर वितरित किया जाएगा। जैड माइनर, वसंत विहार फाटक से साधुवाली कैंट तक पूजा घाट की विशेष सजावट की जाएगी।
इस दिन शाम को छठ पूजा सेवा समिति आयोजन करेगी। इसमें मुख्य अतिथि उदयपाल झाझडिय़ा होंगे। अध्यक्षता प्रहलाद राय टाक करेंगे। विशिष्ट अतिथि नगर परिषद के उपसभापति अजय दावड़ा होंगे। कार्यक्रम की तैयारियों में समाज के लोग जुटे हैं।