
श्रीगंगानगर.
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग और आईसीडीएस की ओर से गुरुवार को जिले के एक से 19 वर्ष आयु तक के बच्चों को कृमिरोधी दवा खिलाई गई। इस दौरान सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों आदि पर यह दवा खिलाई गई। कार्यक्रम के नोडल प्रभारी व आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा ने टीम के साथ जिले के विभिन्न स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देंखी। गुरुवार को वंचित रहे बच्चों को मोपअप दिवस आयोजित कर 15 फरवरी को दवा खिलाई जाएगी।
कृमि मुक्ति दिवस पर जिले के विभिन्न स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों पर जागरुकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। सीसी हैड स्थित एसीएम स्कूल में मुख्य अतिथि आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा थे। डॉ. असीजा ने सात जी छोटी स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय व आंगनबाड़ी केंद्र, सीसी हैड स्थित एसीएम स्कूल, तीन आरबीए, 35 व 36 आरबीए के राजकीय विद्यालय व आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखी। उन्होंने बताया कि सभी स्कूलों में समय पर दवा उपलब्ध करवाई गई और स्कूल प्रबंधकों ने बच्चों को नियमानुसार दवा दी।
'बच्चों को मिले गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा
श्रीगंगानगर.
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम को सुदृढ़ बनाने के लिए आरबीएसके में कार्मिकों को विभाग ने दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया है। इसमें सभी 16 टीमों के चिकित्सक, फार्मासिस्ट व एएनएम शामिल रहे। प्रशिक्षण का उदï्देश्य अधिक से अधिक बच्चों का चिन्हीकरण और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं देना है। प्रशिक्षण डॉ. भारत भूषण और विक्रम पडि़हार ने दिया। आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान आरबीएसके के तहत चिन्हित की जाने वाली 38 बीमारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। डीपीएम विपुल गोयल ने भी जानकारियां दीं । एडीएनओ डॉ. पवन शर्मा ने बच्चों में पाई जाने वाली बीमारियों के बारे में बताया। प्रशिक्षण के दौरान आरबीएसके चिन्हीकरण जांच स्पद्र्धा का आयोजन भी किया गया।