- श्रीगंगानगर.पंचायती राज व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही के दावों के बीच घड़साना पंचायत समिति की ग्राम पंचायत 17 एमडी से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। भारत सरकार के ऑनलाइन शिकायत पोर्टल सीपी ग्राम पर दर्ज परिवाद के बाद हुई जांच में सरपंच व प्रशासक रेखा कल्याणा तथा तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी सुरेश कुमार मीणा को संयुक्त रूप से दोषी ठहराया गया है। जांच रिपोर्ट के अनुसार पंचायत में सफाई, जोहड़ों में पानी टैंकर से डलवाने, गलियों में मिट्टी भराई और वाटरवक्र्स से जुड़े कार्यों में 11 लाख 13 हजार 350 रुपए की गंभीर वित्तीय अनियमितताएं की गईं।
नियमों की खुली अवहेलना उजागर हुई
- यह शिकायत गांव 19 एमडी निवासी लालचंद मेघवाल और तीन एसटीआर के ओमप्रकाश की ओर से दर्ज करवाई गई थी। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए जिला परिषद सीईओ गिरधर ने घड़साना पंचायत समिति के विकास अधिकारी को जांच के निर्देश दिए। इसके बाद बीडीओ घड़साना की ओर से तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई। समिति की रिपोर्ट में पंचायत स्तर पर नियमों की खुली अवहेलना उजागर हुई है।
कार्य स्थल का उल्लेख तक नहीं,सफाई की राशि उठाई
- जांच में सामने आया कि गांव की गलियों की साफ-सफाई के नाम पर कराए गए कार्यों के लिए न तो प्रशासनिक, तकनीकी और वित्तीय स्वीकृतियां जारी की गईं और न ही कार्य का स्पष्ट विवरण रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। कार्य स्थल का उल्लेख तक नहीं है, केवल संपूर्ण ग्राम लिखकर भुगतान कर दिया गया। इससे कार्य के वास्तविक निष्पादन का सत्यापन असंभव हो गया। लेबर कार्य होने के बावजूद मस्टरोल का उपयोग नहीं किया गया और न ही किसी प्रकार की निविदा प्रक्रिया या आरटीपीपी नियमों की पालना की गई।
जोहड़ों में पानी के टैंकर डलवाने का उठाया भुगतान
- ढाणियों के जोहड़ों में पानी के टैंकर डलवाने के भुगतान को भी जांच समिति ने अप्रासंगिक माना। किस ढाणी में किस जोहड़ में पानी डलवाया गया, इसका कोई रिकॉर्ड, माप, टास्क या तकनीकी मूल्यांकन दस्तावेज संलग्न नहीं है। वाटरवक्र्स में पानी टैंकर डलवाने तथा बारिश के पानी को वर्मा से निकालने के कार्यों में भी गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। योजना गाइडलाइन के अनुसार उपयोगिता और पूर्णता प्रमाण पत्र तक जारी नहीं किए गए।
वीडीओ को समय पर कार्यमुक्त ही नहीं किया
- पत्रिका पड़ताल में यह भी सामने आया कि कुल 20 बिंदुओं पर शिकायत की गई थी। बिंदु संख्या दो में ग्राम विकास अधिकारी के स्थानांतरण के बाद भी लंबे समय तक कार्यमुक्त नहीं होने और भुगतान किए जाने का मामला सामने आया। रिकॉर्ड के अनुसार नए ग्राम विकास अधिकारी श्यामसुंदर ने 20 जनवरी 2025 को कार्यग्रहण किया, जबकि पूर्व वीडीओ सुरेश कुमार मीणा की ओर से 18 फरवरी 2025 तक भुगतान किया गया, जो स्पष्ट रूप से नियम विरुद्ध है।
कार्रवाई के लिए सीइओ ने आयुक्त को रिपोर्ट भेजी
- मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला परिषद सीईओ ने बीडीओ से जांच रिपोर्ट मिलने के बाद तुरंत प्रभाव से कार्रवाई करते हुए आयुक्त,ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग,शासन सचिवालय जयपुर को कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भिजवाई गई है।
- ग्राम पंचायत: 17 एमडी, पंचायत समिति घड़साना
- दोषी पाए गए: सरपंच व प्रशासक कल्याणा, तत्कालीन वीडीओ सुरेश कुमार मीणाअनियमित राशि: 11,13,350शिकायत माध्यम: भारत सरकार का सीपीग्राम पोर्टलकुल शिकायत बिंदु: 20
अवैध पट्टा वितरण में 52 लाख रुपए का फटका
पंचायत समिति घड़साना की ग्राम पंचायत 17 एमडी के चक 22 एमडी में अवैध पट्टा वितरण का बड़ा मामला भी पहले सामने आ चुका है। जांच में खुलासा हुआ कि तत्कालीन सरपंच रेखा कल्याणा, ग्राम विकास अधिकारी मोहनलाल और कनिष्ठ अभियंता ने आपसी मिलीभगत से ग्राम पंचायत की खाली भूमि का गैरकानूनी तरीके से आवंटन किया। नियमों को दरकिनार कर हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के निवासियों को आवासीय पट्टे जारी किए गए। जांच रिपोर्ट के अनुसार इस अवैध आवंटन से राजकोष को 52 लाख 13 हजार 160 रुपए का सीधा आर्थिक नुकसान हुआ। प्रकरण को गंभीर मानते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और नुकसान की भरपाई के लिए उच्च स्तर पर रिपोर्ट भेजी गई थी। लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं हुई।
- पंचायत समिति घड़साना की ग्राम पंचायत 17 एमडी में सफाई, जोहड़ में पानी डालने सहित तथा अन्य कार्यों की जांच करवाई गई। जांच में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं सामने आई हैं। दोषियों से गबन की गई राशि की वसूली और नियमानुसार कार्रवाई के लिए आयुक्त को लिखा गया है।
- -गिरधर,सीईओ जिला परिषद, श्रीगंगानगर।