सेवारत चिकित्सक संघ की मांगों पर कार्रवाई नहीं होने तथा कुछ चिकित्सकों के स्थानांतरण के बाद संगठन कार्यकर्ता फिर आंदोलन की राह पर निकल आए हैं।
श्रीगंगानगर.
अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ की मांगों पर कार्रवाई नहीं होने तथा कुछ चिकित्सकों के स्थानांतरण के बाद संगठन कार्यकर्ता एक बार फिर आंदोलन की राह पर निकल आए हैं।राज्य सरकार के संगठन के प्रदेशाध्यक्ष सहित कई चिकित्सकों का स्थानांतरण करने के बाद गुरुवार को चिकित्सकों ने सुबह नौ बजे से दो घंटे के लिए ओपीडी का बहिष्कार किया। इस दौरान रोगी परेशान होते रहे। सुबह नौ बजे से चिकित्सालय में रोगियों की कतारें लगनी शुरू हो गई लेकिन इसके साथ ही चिकित्सकों ने काम नहीं करने की बात कहते हुए ओपीडी छोड़ दी। इससे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों को हुई। अधिकांश बुजुर्ग करीब दो घंटे तक कतारों में खड़े होकर परेशान होते रहे। इस दौरान अधिकांश लोग सरकारी व्यवस्थाओं को कोसते नजर आए।
आज से 72 घंटे का अल्टीमेटम
अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ के जिलाध्यक्ष डॉ.पवन सैनी ने बताया कि सरकार के रुख को देखते हुए गुरुवार को संगठन की बैठक जयपुर में हुई। वहां से प्राप्त निर्देशों के अनुसार संगठन ने सरकार को उनकी मांगों पर अगले 72 घंटे में कार्रवाई करने का आग्रह किया है । ऐसा नहीं करने पर चिकित्सक फिर से आंदोलन की राह पर निकल पड़ेंगे। इस अवधि के दौरान दैनिक दो घंटे का कार्य बहिष्कार भी नहीं किया जाएगा, हालांकि संगठन ने तय किया है कि इस दौरान वे ओपीडी में बैठकर रोगियों की जांच नहीं करेंगे लेकिन रोगियों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए परिसर में ही टैंट लगाकर वहां जांच करेंगे। डॉ.सैनी ने बताया कि संगठन की प्रमुख मांगों पर चिकित्सकों के खिलाफ की गई स्थानांतरण और नोटिस आदि की कार्रवाई वापस लेने सहित कई मांगें शामिल हैं।
दिन भर यही रही चिकित्सकों में चर्चा
इस बीच गुरुवार को पूरा दिन चिकित्सकों में हड़ताल ही चर्चा का विषय रही। पूरे दिन चिकित्सक आपस में इसी मुद्दे पर बातचीत करते रहे। इसके साथ ही पूरा दिन राज्य स्तर पर होने वाली संगठन की बैठक पर भी विचार विमर्श होता रहा।