North Western Railway: श्रीगंगानगर। रेल यात्रियों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए उत्तर-पश्चिम रेलवे में अत्याधुनिक टक्कररोधी कवच प्रणाली तेजी से स्थापित की जा रही है। करीब 2300 करोड़ रुपए की लागत से स्वीकृत इस परियोजना के तहत उत्तर पश्चिम रेलवे के 5561 किलोमीटर रेल मार्ग पर स्वदेशी विकसित कवच 4.0 तकनीक लागू की जाएगी, […]
North Western Railway: श्रीगंगानगर। रेल यात्रियों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए उत्तर-पश्चिम रेलवे में अत्याधुनिक टक्कररोधी कवच प्रणाली तेजी से स्थापित की जा रही है। करीब 2300 करोड़ रुपए की लागत से स्वीकृत इस परियोजना के तहत उत्तर पश्चिम रेलवे के 5561 किलोमीटर रेल मार्ग पर स्वदेशी विकसित कवच 4.0 तकनीक लागू की जाएगी, जिससे ट्रेन संचालन पहले से अधिक सुरक्षित हो सकेगा
इस प्रणाली को उत्तर पश्चिम रेलवे के सभी मंडलों में लागू करने की स्वीकृति मिल चुकी है। फिलहाल करीब 1556 किलोमीटर रेल मार्ग पर कार्य तेज गति से प्रगति पर है।
कवच प्रणाली में संचार नेटवर्क, सिग्नलिंग और लोको सिस्टम को आपस में जोड़कर ऐसी व्यवस्था विकसित की जा रही है, जिससे खतरे की स्थिति बनने पर ट्रेन में स्वतः ब्रेक लग सकें और दुर्घटना की आशंका कम हो सके।
कवच प्रणाली लागू करने के लिए रेलवे ट्रैक के साथ बड़े स्तर पर ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) बिछाने का कार्य भी किया जा रहा है। उत्तर पश्चिम रेलवे में 1586 रेल किलोमीटर पर ओएफसी कार्य के लिए टेंडर जारी किए जा चुके हैं, जिनमें से लगभग 56 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
स्टेशनों पर स्टेशन कवच सिस्टम स्थापित करने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। प्रणाली के तहत ट्रैक के किनारे कुल 250 नेटवर्क टावर स्थापित किए जाने हैं, जिनमें से 221 टावरों का कार्य फिलहाल प्रगति पर है। ये टावर ट्रेनों और स्टेशनों के बीच लगातार संचार बनाए रखेंगे।
कवच प्रणाली में रेलवे ट्रैक पर हर एक किलोमीटर की दूरी पर आरएफआईडी टैग लगाए जाएंगे, जो ट्रेन की सटीक लोकेशन बताते हैं। इंजन में लगा लोको कवच सिस्टम इन टैग से जानकारी प्राप्त कर दूरसंचार टावरों और स्टेशन नियंत्रण प्रणाली से संपर्क बनाए रखता है। यदि ट्रेन निर्धारित गति से अधिक चलती है या सिग्नल नियमों का उल्लंघन होता है तो यह प्रणाली चालक को तुरंत चेतावनी देती है और जरूरत पड़ने पर स्वचालित ब्रेक लगाकर दुर्घटना की संभावना कम करती है।
ट्रैक पर आरएफआईडी टैग से ट्रेन की सटीक स्थिति का पता चलता है
टावरों के माध्यम से ट्रेन और स्टेशन के बीच लगातार संचार
लोको सिस्टम सिग्नल और गति की निगरानी करता है
खतरे की स्थिति में स्वचालित ब्रेक लगाकर दुर्घटना रोकने में मदद
उत्तर पश्चिम रेलवे के 5561 किमी रेल मार्ग पर लगभग 2300 करोड़ रुपए की लागत से स्वदेशी कवच प्रणाली लागू की जा रही है। करीब 1556 किमी रेल मार्ग पर कार्य प्रगति पर है। यह तकनीक सिग्नलिंग, संचार और लोको सिस्टम को जोड़कर रेल संचालन को अधिक सुरक्षित बनाएगी।
-अमित सुदर्शन, मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी, उत्तर पश्चिम रेलवे, जयपुर