
Social Media Radicalization: देश में आतंकी गतिविधियां बढ़ाने और आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए बदना पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई अब नया तरीका अपना रही है। आतंकी संगठन ब्रेन वॉश कर युवकों की भर्ती लगातार जारी है। वहीं अब अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे राजस्थान, पंजाब राज्यों में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने महिलाओं को फंसाने और भर्ती करने के लिए शादी का जाल बिछाने की रणनीति बनाई है। जैश के हैंडलर भारतीय महिलाओं से फोन पर घंटों बातचीत कर उनका ब्रेनवॉश कर रहे हैं। आतंकी संगठनों ने खासकर राजस्थान पर ध्यान केंद्रित किया है।
बॉर्डर इलाकों से सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान के आतंकी संगठनों ने इस बार राजस्थान को केंद्रित करते हुए नई रणनीति बनाई है। इस तरह की गतिविधियां पहले जम्मू-कश्मीर में होती थीं। लेकिन अब ध्यान राजस्थान पर केंद्रित हो गया है, क्योंकि इस राज्य की सीमा पाकिस्तान से काफी लंबी है। राजस्थान की पाकिस्तान के साथ 1,070 किलोमीटर लंबी सीमा लगती है, जो श्रीगंगानगर के हिंदूमल कोट से लेकर बाड़मेर के शाहगढ़ तक फैली है।
इन इलाकों में सोशल मीडिया पर इस तरह की काफी गतिविधियां ट्रेस हुई हैं। कई लड़कियों की पहचान की गई है जिनसे ISI समर्थित लोग सोशल मीडिया पर उनसे संपर्क कर रहे हैं। जाल बिछाने से पहले हैंडलर प्रोफाइल की अच्छी तरह से जांच-पड़ताल करते हैं। आतंकी संगठन सामाजिक समस्याओं से जूझ रही युवतियों को निशाना बना रहे हैं। उन्हे शादी, अच्छी जिंदगी और साथ का वादा करके बहलाने-फुसलाने की जानकारी सामने आई है।
बीते वर्ष जैश-ए-मोहम्मद ने अपना पहला महिला विंग बनाया, आतंकी मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर विंग की कमान संभाल रही है। विंग का मकसद भारतीय महिलाओं को भर्ती करना, कट्टरपंथी बनाना और आखिर में एक फिदायीन स्क्वाड तैयार करना है। जमात-उल-मोमिनात (JuM) नाम का यह विंग पाकिस्तान में पुरुषों और महिलाओं दोनों को कट्टरपंथी बनाने का काम कर रहा है। खुफिया एजेंसियों को अब पता चला है कि भारत में अपने ऑपरेशन के लिए उन्होंने एक नया तरीका अपनाया है।
JuM अब ऑनलाइन भारतीय महिलाओं को फंसा रहा है। JuM ने आसानी से झांसे में आने वाली महिलाओं के लिए बिछाया है। संगठन के पास युवाओं की एक टीम है जो ऑनलाइन भारतीय महिलाओं को फंसाती है और उन्हें शादी का लालच देती है। अधिकारी ने बताया कि यह जाल अक्सर सीमावर्ती इलाकों में रहने वाली महिलाओं के लिए बिछाया जाता है ताकि उनके लिए पाकिस्तान जाना आसान हो।
आतंकी संगठनों की योजना के अनुसार महिलाओं को पहले पाकिस्तान पहुंचाकर शादी कराई जाती है। जाल में फंसी महिलाओं को ऐसा दिखाया जाता है कि वे एक जायज रिश्ते में बंध रही हैं। पाकिस्तान पहुंचने के बाद, उनका ब्रेनवाश किया जाता है और फिर उन्हें वापस भारत भेजने की कोशिश की जाती है। महिलाओं को वापस भारत भेजने से पहले उन्हे देश के संवेदनशील जगहों के बारे में जानकारी जुटाने की ट्रेनिंग भी आतंकी संगठन दे रहे हैं।
जब कोई महिला शादी के लिए राजी होती है तो उसे वैध पासपोर्ट बनवाकर नेपाल के रास्ते या फिर सऊदी अरब के रास्ते पाकिस्तान पहुंचाने के लिए दलाल को जिम्मा सौंपा जाता है। जिन्हे आतंकी संगठनों के कोडवर्ड में टूट कहा जाता है।
आतंकी संगठनों के लिए यह नेटवर्क बनाने की मुहिम बड़ी मुहिम का हिस्सा है।