राजस्थान की श्रीगंगानगर पुलिस ने लॉरेंस गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। 91 लाख रुपए की बरामदगी मामले में पुलिस ने गिरोह के 5 गुर्गों को फिर पकड़ा है। अब तक इस मामले में 9 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
श्रीगंगानगर। पुलिस ने संगठित अपराध, रंगदारी और अवैध वसूली से जुड़े 91 लाख रुपए की बरामदगी के प्रकरण में बड़ी कार्रवाई की है। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और आरजू बिश्नोई गैंग से जुड़े 5 आरोपियों को पुलिस ने फिर गिरफ्तार किया है।
रायसिंहनगर पुलिस ने सावंतसर 32 पीएस निवासी जयमल जांदू, उसके भाई जोधपुर निवासी जयपाल जांदू, सूरतगढ़ निवासी मनीष बिश्नोई, सूरतगढ़ वार्ड चार निवासी घनश्याम बिश्नोई और रायसिंहनगर क्षेत्र गांव 44 आरबी हाल चक 12 पीएस निवासी बलविन्द्र सिंह उर्फ विनोद कुमार भादू को गिरफ्तार किया है। इससे पहले इस मामले में चार आरोपी कुलदीप कुमार, अमन कुमार, रामस्वरूप और योगेश कुमार 7 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर हैं।
अवैध वसूली से जुड़े 91 लाख रुपए की बरामदगी मामले में पुलिस अब तक कुल नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। बीते 29 दिसंबर की रात बाजूवाला चौक पर गश्त और नाकाबंदी के दौरान एएसआई जगतार सिंह और उनकी टीम ने एक लग्जरी कार से 90 लाख 84 हजार 900 रुपए बरामद किए थे।
पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने बताया कि जांच टीमों के अनुसंधान में सामने आया कि साहिल उर्फ शंटी और अक्षय, आरजू बिश्नोई और लॉरेंस गैंग के लिए काम करते हैं। यह गिरोह लोगों को जान से मारने की धमकी देकर फिरौती वसूलता था। वसूली गई रकम मनीष शर्मा के माध्यम से कुलदीप कुमार और उसके पुत्र योगेश के पास पहुंचाई जाती थी, जो आगे गैंग के गुर्गों तक ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों से राशि पहुंचाते थे। इस रकम का उपयोग फरारी के दौरान खर्चे और हथियार खरीदने में किया जाता था। बरामद राशि भी इसी फिरौती और अवैध वसूली की बताई गई।
इस रैकेट में अक्षय, योगेश, कुलदीप, अमन, रामस्वरूप, बलविंद्र उर्फ विनोद भादू, जयपाल जांदू, जयमल जांदू, मनीष बिश्नोई, घनश्याम बिश्नोई और मनीष शर्मा के सहयोग से संगठित आपराधिक गतिविधियां चलाने के साक्ष्य मिले। इस कार्रवाई में रायसिंहनगर एएसपी भंवरलाल, थानाधिकारी महावीर प्रसाद, सीआई बजरंगलाल, सीआई चंद्रभान, एसआई ओमप्रकाश, एएसआई योगेश कुमार, एएसआई जगतार सिंह शामिल है।