श्री गंगानगर

श्रीगंगानगर: बेटी की शादी की चल रही थी तैयारी, इधर डांसर के प्यार में फंसे NRI का जला शव मिला; कोर्ट का बड़ा फैसला

श्रीगंगानगर जिले के पुरानी आबादी क्षेत्र में चार साल पहले हुई NRI वीरेंद्र सिंह की हत्या और पहचान छिपाने के लिए शव को जला देने के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। एडीजे कोर्ट संख्या-1 के न्यायाधीश कमल लोहिया ने आरोपी दंपती रोहित और उसकी पत्नी जैसमीन उर्फ आशु को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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Updated: 8 Sep 2026, 1:19 PM IST
sriganganagar nri murder case
श्रीगंगानगर में NRI की हत्या करने वाले दंपती को उम्रकैद (फोटो सोशल मीडिया)

Sri Ganganagar NRI Murder Case: श्रीगंगानगर जिले की पुरानी आबादी क्षेत्र में करीब चार साल पहले हुए सनसनीखेज ब्लाइंड मर्डर के मामले में अदालत ने आरोपी दंपती को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। एडीजे कोर्ट संख्या-1 के न्यायाधीश कमल लोहिया ने आरोपी अबोहर निवासी रोहित और उसकी पत्नी जैसमीन उर्फ आशू को दोषी माना।

अपर लोक अभियोजक विजेंद्र अग्रवाल ने बताया कि धारा-302 में दोनों को आजीवन कारावास और दस-दस हजार रुपए जुर्माने तथा धारा-201 में तीन-तीन साल के कठोर कारावास और पांच-पांच हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई है। परिवादी की ओर से अधिवक्ता जितेंद्र पाराशर ने पैरवी की।

क्या था पूरा मामला?

मामले के अनुसार, 18 दिसंबर 2022 की रात पुरानी आबादी की एक कॉलोनी में वारदात हुई थी। मृतक चक-7 जैड निवासी 55 वर्षीय वीरेंद्र सिंह था। वह श्रीलंका में एक कंपनी में सुपरवाइजर था और घटना से करीब एक महीने पहले ही भारत लौटा था। करीब तीन महीने पहले रेलवे स्टेशन पर उसकी मुलाकात अबोहर निवासी डांसर जैसमीन उर्फ आशू से हुई थी। दोनों ने मोबाइल नंबरों का आदान-प्रदान किया और बातचीत व चैटिंग होने लगी। जांच में सामने आया कि जैसमीन को वीरेंद्र के बैंक खातों में काफी रकम होने की जानकारी मिली।

रकम ऐंठने की रची साजिश

इसके बाद उसने अपने पति रोहित के साथ मिलकर रकम ऐंठने की साजिश रची। जैसमीन ने वीरेंद्र को घर बुलाया। वहां रोहित भी पहुंच गया। दोनों ने कथित तौर पर ब्लैकमेल करते हुए उससे पैसे मांगे। मारपीट कर एटीएम, मोबाइल और पर्स छीन लिया तथा पासवर्ड लेकर खाते से रुपए ट्रांसफर किए।

पहचान छिपाने के लिए जला दिया था शव

आरोपियों को डर था कि वीरेंद्र पुलिस को घटना बता देगा। इसी आशंका में उसके सिर पर चोट मारने के बाद गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद घर में रखी प्लास्टिक की पानी की टंकी खाली कर शव उसमें डाल दिया और रेहड़ी पर रखकर सुनसान भूखंड में ले गए। वहां पेट्रोल डालकर टंकी सहित शव को आग लगा दी। बाद में दोनों बस स्टैंड पहुंचे और अबोहर चले गए।

पैर का कुछ हिस्सा नहीं जलने के कारण हुई थी पहचान

19 दिसंबर को सदर थाने में वीरेंद्र के गुम होने की रिपोर्ट दर्ज हुई। उधर, पुलिस को जला हुआ शव मिला। पैर का कुछ हिस्सा नहीं जलने के कारण परिजनों ने उसकी पहचान की। तत्कालीन पुरानी आबादी थाना प्रभारी सुरजीत कुमार ने जांच शुरू की। मोबाइल कॉल डिटेल में वीरेंद्र की अंतिम बातचीत जैसमीन से होना सामने आया।

इसके बाद अगले दिन ऑनलाइन पेमेंट का मैसेज भी महत्वपूर्ण कड़ी बना। पुलिस ने ट्रैस कर अबोहर से जैसमीन और रोहित को गिरफ्तार कर लिया। खास बात यह थी कि वीरेंद्र की बेटी की शादी महज 15 दिन बाद होने वाली थी। लेकिन शादी की तैयारियों के बीच परिवार को उसकी हत्या की खबर ने झकझोर दिया था।

Updated on:
8 Sep 2026, 1:19 PM IST
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