
- हड्डारोड़ी ठेकेदार ने दिया था नगर परिषद को दिया था चेक
श्रीगंगानगर.
चेक बाउंस होने पर अदालत ने एक ठेकेदार को एक साल कारावास व पांच हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया है। नगर परिषद प्रशासन को भुगतान के एवज में ठेकेदार ने जो चेक दिया वह बाउंस हो गया, अब आरोपित ठेकेदार को अदालत ने एक साल कारावास व पांच लाख दस हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया है। जुर्माना राशि का भुगतान नगर परिषद प्रशासन को देने के आदेश किए हैं। यह निर्णय एनआईएक्ट मामलों की विशिष्ट न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय संख्या एक ने सुनाया।
यह है मामला
परिषद के अधिवक्ता प्रताप सिंह शेखावत ने बताया कि ठेकेदार महेंद्र पाल पुत्र ओमप्रकाश सोहंग ने एक अप्रेल 2005 से 31 मार्च 2006 तक अवधि के लिए श्रीगंगानगर शहर के क्षेत्राधिकार में मृत पशुओं की हड्डियों व खाल की नीलामी उच्चतम बोली राशि 4 लाख 77 हजार रुपए की बोली लगाकर नगर परिषद से ठेका लिया था। इस ठेकेदार ने ठेका राशि के एवज में 16 मार्च 2006 को ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स का एक चेक नगर परिषद आयुक्त को दिया।
अगले दिन यह चेक संबंधित बैंक खाते में धनाभाव के कारण अनादिरत हो गया। । इस पर नगर परिषद आयुक्त की ओर से अदालत में परिवाद दायर किया गया। अदालत ने आरोपित ठेकेदार को एनआई एक्ट की धारा 138 में दोषी मानते हुए एक साल कारावास व पांच लाख दस हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।