
श्रीगंगानगर। भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट रावला क्षेत्र में ड्रोन के जरिए आई आरडीएक्स व हथियारों की खेप के मामले में सरगना माना जा रहा कुलवंतसिंह उर्फ सुक्खा पंजाब के जलालाबाद में पुलिस स्टेशन पर ग्रेनेड हमले का मुख्य आरोपी है। हमले के बाद वह फरार था। केन्द्रीय सुरक्षा एजेंसी और पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए उमर चाचा डी के नाम से संयुक्त ऑपरेशन शुरू किया था। इसी के तहत उसकी गिरफ्तारी हुई है। कुलवंत सिंह मूल रूप से पंजाब के फिरोजपुर जिले के अलीके गांव का रहने वाला है।
पंजाब में उसके खिलाफ 10 से ज्यादा आपराधिक मुकदमे दर्ज है। इनमें ज्यादातर मामले ड्रग्स की खरीद-फरोख्त से जुड़े बताए जा रहे है। कुलवंत करीब आठ महीने तक बठिंडा जेल में बंद रहा था। अगस्त 2026 में जेल से बाहर आने के बाद वह एक बार फिर आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त हो गया। फाजिल्का जिले के जलालाबाद में 13 सितम्बर की रात सिटी पुलिस स्टेशन के पास ग्रेनेड हमले में उसका नाम मुख्य आरोपी के रूप में सामने आने के बाद वह फरार चल रहा था।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि बठिंडा जेल में रहने के दौरान कुलवंत उर्फ सुक्खा का संपर्क पाकिस्तानी तस्कर शहजाद भट्टी व उमर चाचा के नेटवर्क से हुआ। इसके बाद उसका इस्तेमाल ड्रग्स की खरीद फरोख्त से लेकर हथियारों व विस्फोटकों की सप्लाई तक के नेटवर्क में होने लगा। पुलिस के सामने अब यह पता लगा रही है कि क्या श्रीगंगानगर में बरामद विस्फोटक और जलालाबाद हमले में इस्तेमाल ग्रेनेड हमले के बीच कोई सीधा संबंध है।
कुलवंत पर राजस्थान एटीएस ने दो दिन पहले ही एक लाख रुपए का इनाम घोषित किया था। एटीएस की सूचना पर पंजाब पुलिस ने उसको पकड़ा और वहां वांटेड होने पर पंजाब की खुफिया एजेंसी उससे पूछताछ कर रही है। पूछताछ पूरी होने के बाद राजस्थान एटीएस उसे गिरफ्तार कर यहां लाएगी। उधर, नेटवर्क की अन्य कड़ियां तलाशने के लिए एटीएस की तीन टीमें पंजाब में दो अन्य वांछित आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही हैं। श्रीगंगानगर में भी आधा दर्जन संदिग्धों को पकड़कर पूछताछ की जा रही है।
इस पूरे मामले में 'उमर चाचा नाम की चर्चा इसलिए अहम है, क्योंकि सुरक्षा एजेंसियों को मिले इनपुट में उसे आइएसआइ का हैंडलर बताया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि वह पाकिस्तान से भारत में सक्रिय कुछ लोगों के संपर्क में था और ड्रग्स व विस्फोटकों की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क को निर्देश देता था। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कुलवंत सिंह उर्फ सुक्खा का इस हैंडलर से सीधा कनेक्शन था या वह दूसरे लोगों के जरिए इस नेटवर्क से जुड़ा था।