
श्रीगंगानगर।
राज्य में भाजपा सरकार के 4 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में रामलीला मैदान में आयोजित विकास प्रदर्शनी में जश्न का दूसरा दिन फीका रहा।स्कूली बच्चों को छोड़कर आम आदमी ने इस जश्न से दूरी बनाए रखी। इससे यहां लगाया गया पंडाल शनिवार को सूना रहा और तो और यहां लगी कई स्टॉले भी गायब नजर आई। सरकारी विभागों की ओर से लगाई गई कई स्टॉलों पर कर्मचारी गप्पे हांकते नजर आए। शनिवार को राजकीय अवकाश होने के कारण जिला अधिकारियों ने भी प्रदर्शनी से दूरी बनाए रखी। दोपहर में कुछ समय के लिए महिला विकास विभाग की उपनिदेशक ऋषि बाला जरूर नजर आई। प्रदर्शनी स्थल पर अंग्रेजी माध्यम के दो निजी स्कूलों के बच्चों को लाया गया। जिन्होंने मंच के आगे बिछी मैट के ऊपर ही रंगोलियां बनाई।
हैरत यह रही कि इन स्कूली बच्चों को सरकारी योजनाओं में प्रगति के दावों से संबंधित फोल्डर दिए गए। यही फोल्डर बाद में पंडाल में इधर-उधर बिखरे नजर आए। हैरानी है कि आधार में जरूरी संशोधन करवाने के लिए अटल सेवा केन्द्रों पर लाइन लगती है वहीं प्रदर्शनी स्थल पर 'आधार' स्टॉल लगाई गई थी। इसके लिए बकायदा आवश्यक मशीन भी लगी थी। मगर कोई भी व्यक्ति वहां नजर नहीं आया। शुक्रवार को प्रशासन की ओर से भीड़ जुटाने के लिए स्कूली बच्चों, आंगनबाड़ी, नरेगा मजदूर, स्वयं सहायता समूह और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को बुलाया गया था। कल जश्न में शामिल होने के बाद भाजपा के नेता और कार्यकर्ता भी प्रदर्शनी स्थल पर नजर नहीं आए।
जन धन का दुरुपयोग
राज्य सरकार किस बात को लेकर जश्न मना रही है, यह समझ से परे है। विकास कहीं नजर नहीं आ रहा। किसान आत्महत्या कर रहा है। युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा। आम आदमी परेशान है। जन-धन का दुरुपयोग किया जा रहा है।
- संतोष सहारण, अध्यक्ष, जिला कांग्रेस कमेटी, श्रीगंगानगर