प्रदूषित पेयजल की आपूर्ति करने के विरोध में नरसिंहपुरा मांझूवास के ग्रामीणों ने बुधवार को जलप्रदाय योजना के बाहर धरना दिया। इस दौरान दो-तीन ग्रामीण टंकी पर चढ़ गए और जलदाय विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर समस्या के समाधान की मांग करने लगे।
नरसिंहपुरा
प्रदूषित पेयजल की आपूर्ति करने के विरोध में नरसिंहपुरा मांझूवास के ग्रामीणों ने बुधवार को जलप्रदाय योजना के बाहर धरना दिया। इस दौरान दो-तीन ग्रामीण टंकी पर चढ़ गए और जलदाय विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर समस्या के समाधान की मांग करने लगे। ग्रामीणों के टंकी पर चढऩे की सूचना मिलने पर घमूड़वाली थाना से पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंच गया। पदमपुर से तहसीलदार भी आ गए। बाद में जलदाय विभाग के कनिष्ठ अभियंता भी वहां पहुंचे और ग्रामीणों से वार्ता की। समस्याओं के समाधान का आश्वासन मिलने पर टंकी पर चढ़े ग्रामीण नीचे उतर आए। ग्रामीणों ने विरोध स्चरूप लगाया गया धरना भी समाप्त कर दिया।
ग्रामीण देवीलाल सहारण व अन्य ने बताया कि गांव में पिछले कई दिनों से पेयजल आपूर्ति गड़बड़ाई हुई है। गांव के कई हिस्सों में पानी की आपूर्ति नहीं हो रही। मंगलवार रात जलप्रदाय योजना से बिना फिल्टर किया हुआ पानी आपूर्ति हुआ। सुबह ग्रामीणों को इसका पता चला तो उनमें रोष फैल गया। उन्होंने विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी दी तो उन्होंने सोमवार को किसी अधिकारी को जांच के लिए भेजने की बात कही। इसके बाद ग्रामीण सरपंच काशीराम मेघवाल, पूर्व सरपंच रामप्रताप मांझू, महेन्द्र खोथ व रामकुमार सहारण के नेतृत्व में जलप्रदाय योजना के बाहर जमा हो गए और वहां धरना शुरू कर दिया। इसी दौरान दो-तीन ग्रामीण पानी की टंकी पर चढ़ गए।
वार्ता में यह तय हुआ
तहसीलदार की उपस्थिति में जलदाय विभाग के कनिष्ठ अभियंता के साथ हुई वार्ता में ग्रामीणों ने गांव में पेयजल आपूर्ति दुरुस्त करने तथा शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की मांग रखी। ग्रामीणों ने प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए जलप्रदाय योजना के कर्मचारियों को वापस लाने की मांग भी रखी। अभियंता ने पेयजल आपूर्ति दुरुस्त करने तथा फिल्टर करने के बाद ही पेयजल की आपूर्ति करवाने का आश्वासन दिया। प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए कर्मचारियों को उन्होंने वापस लाने का आश्वासन दिया। इस पर ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर दिया। बाद में टंकी पर चढ़े ग्रामीण भी नीचे उतर आए।