
घड़साना.
तीन दिन पूर्व शुरू हुई समर्थन मूल्य पर सरसों खरीद पर किसान को झटका लग सकता है। समर्थन मूल्य पर खरीद की गई सरसों का उठाव नहीं हो सका है। उठाव नहीं होने के कारण धान मंडी शैड में खरीद शुदा सरसों लगभग दो हजार थैलों के चट्ठे लगाने पड़ रहे हैं। इस कारण किसानों को अपनी उपज की ढेरियां करने में मुश्किल हो जाएगी। सरसों खरीद में बाधा उत्पन्न होने की आशंका के बावजूद सहकारी समिति ने नेफेड के लिए चने की खरीद शुरू कर दी है।
राजफैड की खरीद करने वाले स्थानीय एजेंसी केवीवीएस लेखाकार बंशीधर पारीक ने बताया कि दो अप्रेल से सरसों की खरीद की जा रही है। समर्थन मूल्य पर गुरुवार तक लगभग दो हजार थैला खरीद की जा चुकी है। सरसों का भण्डारण राजस्थान स्टेट वेयर हाउस में किया जाना है, लेकिन वेयर हाउस में भण्डारण के लिए स्थान नहीं होने पर उठाव नगण्य रहा है। सरसों का उठाव व भण्डारण होने के बाद ही किसानों को बिकी हुई सरसों का भुगतान मिल पायेगा।
केवीवीएस प्रवक्ता पारीक ने बताया कि सरसों की खरीद व्यवस्था के तहत टोकन मुताबिक किसान उपज ला रहे है। सरसों की ऑनलाइन बेचान के लिए 3050 किसानों ने पंजीयन करवाया है। उन्होंने बताया कि खरीद कर धानमंडी शेड में सरसों के चट्ठे लगाने पर रखवाली व अन्य नुकसान की आशंका के कारण चौकीदार की व्यवस्था करनी पड़ रही है। वहीं नेफेड के लिए चने की खरीद भी शुरू की गई है। क्वालिटी जांच प्रभारी भैरोंलाल ने बताया कि चने की 4400 रुपए भावों में एकबारगी में 25 क्ंिवटल खरीद हो सकेगी।
'समर्थन मूल्यों पर सरसों खरीद के लिए बारदाने का अभाव है। कम बारदाना होने के कारण खरीद व्यवस्था प्रभावित होगी। किसानों की समस्या पर गुरुवार को जिला कलक्टर को अवगत करवाया है। वेयर हाउस में सरसों के भण्डारण की व्यवस्था भी करने के लिए सहकारी समिति के अधिकारियों से आग्रह किया है।'
- नछत्रसिंह रमाणा, जिला उपप्रमुख, श्रीगंगानगर।