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Rajasthan Panchayat Elections : 2 संतान की शर्त खत्म, श्रीगंगानगर के गांवों में अब बदलेगा समीकरण, पुराने चेहरे लौटे

Rajasthan Panchayat Elections : राजस्थान में पंचायत चुनाव में 2 से अधिक संतान की शर्त हटने से अब चुनावी समीकरण बदलेंगे। वहीं श्रीगंगानगर के गांवों में फिर से पुराने दावेदारों ने कमान संभाल ली है।
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Rajasthan Panchayat Elections Sri Ganganagar villages change equation old faces return

Rajasthan Panchayat Elections : फाइल फोटो पत्रिका

Rajasthan Panchayat Elections : पंचायत चुनाव की औपचारिक घोषणा भले अभी बाकी हो, लेकिन श्रीगंगानगर जिले के गांवों में चुनावी चौपाले सजने लगी है। चाय की थडियों से लेकर चौपालों, खेत खलिहानों और सामाजिक आयोजनों तक सरपंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद चुनाव को लेकर चर्चाएं जोरों पर है। संभावित दावेदार गांव-गांव पहुंचकर जनसंपर्क बढ़ाने में जुट गए है, जबकि समर्थक भी अपने-अपने नेताओं के पक्ष में माहौल बनाने लगे हैं।

इस बार चुनावी सरगर्मियों की सबसे बड़ी वजह दो से अधिक संतान की शर्त समाप्त होना है, जिसने वर्षों से चुनावी राजनीति से बाहर रहे कई पुराने जनप्रतिनिधियों के लिए फिर से चुनावी मैदान के दरवाजे खोल दिए है।

पुराने दावेदार लौटे, नए चेहरे भी सक्रिय

राज्य सरकार के राजस्थान पंचायत राज अधिनियम में संशोधन के बाद अब वे लोग भी चुनाव लड़ सकेंगे, जो पहले केवल दो से अधिक संतान होने के कारण अयोग्य हो जाते थे। श्रीगंगानगर जिले की ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषद क्षेत्रों में ऐसे कई पूर्व सरपंच, वार्ड पंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य फिर से सक्रिय हो गए है। कई जगह पुराने जनप्रतिनिधि समर्थकों के साथ बैठकें भी शुरू कर चुके है, वहीं युवा और नए चेहरे भी अपनी चुनावी जमीन तैयार करने में जुटे हैं।

हर पंचायत में बदलेगा मुकाबले का गणित

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बार पंचायत चुनाव पिछले चुनावों की तुलना में अधिक रोचक और प्रतिस्पर्धी होंगे। पिछले चुनाव में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के सामने अब अनुभवी और प्रभावशाली पुराने नेताओं की चुनौती होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में जातीय और सामाजिक समीकरणों के साथ विकास कार्य, व्यक्तिगत जनसंपर्क और स्थानीय प्रभाव चुनावी परिणाम तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

पंचायत चुनाव भले ही दलगत आधार पर नहीं होते, लेकिन राजनीतिक दलों की स्थानीय स्तर पर सक्रियता बढ़ने लगी है। समर्थित उम्मीदवारों के चयन और रणनीति को लेकर मंथन शुरू हो चुका है। अधिक दावेदार मैदान में उतरने से कई ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषद वार्डों में त्रिकोणीय और बहुकोणीय मुकाबलों की संभावना भी बढ़ गई है।

चुनावी तैयारियों में जुटा प्रशासन

उधर, जिला प्रशासन और निर्वाचन विभाग भी पंचायत चुनाव की तैयारियों में जुट गया है। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन, मतदान केंद्रों का पुनरीक्षण, निर्वाचन कर्मियों की प्रारंभिक तैयारियां और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को गति दी जा रही है। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कभी भी हो सकती है।

ऐसे में श्रीगंगानगर के ग्रामीण अंचल में सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस बार गांव की सरकार लेकर खेत-खलिहानों तक चुनावी चर्चाओं का दौर शुरू हो चुका है और संभावित उम्मीदवार समर्थन जुटाने के लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं। पंचायत चुनाव की दस्तक के साथ जिले की ग्रामीण राजनीति भी अब पूरी तरह चुनावी रंग में रंगती नजर आ रही है।