श्री गंगानगर

Rajasthan: इजरायल की तर्ज पर सरहदी गावों में बनेंगे बंकर, खतरे का सायरन बजते ही ग्रामीण ले सकेंगे शरण

राजस्थान के सीमावर्ती गांवों को अब युद्ध जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए खास सुरक्षा कवच मिलने जा रहा है। सरहत पर स्थित गांवों में इजरायल मॉडल पर अंडरग्राउंड बंकर वाले कम्युनिटी हॉल बनाए जाएंगे, जहां खतरे का सायरन बजते ही ग्रामीण तुरंत शरण ले सकेंगे। केंद्र की वाइब्रेंट विलेज-2 योजना के तहत सुविधाओं पर भी तेजी से काम होगा।
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Updated: 28 May 2026, 10:42 PM IST
Border Bunker Rajasthan
सीमावर्ती गांवों में बनेंगे बंकर (फोटो-एआई)

श्रीगंगानगर। केन्द्र सरकार की वाइब्रेंट विलेज-2 योजना में चयनित गांवों में बंकर वाले कम्युनिटी हॉल बनाए जाएंगे। युद्ध काल में खतरे का सायरन बजते ही ग्रामीण इजरायल की तर्ज पर तुरंत इन बंकरों में शरण ले सकेंगे। वाइब्रेंट विलेज-2 योजना में श्रीगंगानगर जिले के 68 सीमावर्ती गांवों का चयन किया गया है। केन्द्र सरकार की गाइड लाइन के अनुसार इन गांवों में वह सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएगी, जिनसे अभी तक यह वंचित रहे हैं।

जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव ने बताया कि इन गांवों में बनाए जाने वाले कम्युनिटी हॉल के नीचे अंडरग्राउंड बंकर बनाए जाएंगे। इसके पीछे मकसद युद्धकाल में ग्रामीणों को सुरक्षा प्रदान करना है ताकि पलायन की नौबत नहीं आए। सामान्य दिनों में कम्युनिटी हॉल का उपयोग बैठकों और सरकारी कार्यक्रमों में किया जाएगा।

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जिन गांवों का चयन हुआ है, उनमें 5 गांव ऐसे हैं जो अभी तक सड़क सुविधा से वंचित हैं। इसके अलावा 17 गांव ऐसे हैं जहां इंटरनेट की सुविधा नहीं है। केन्द्र सरकार की इस योजना का उद्देश्य इन गांवों से लोगों का पलायन रोकना और इन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

प्रमुख विकास कार्य

वाइब्रेंट विलेज-2 योजना में चयनित गांवों को बेहतर पक्की सड़कों और 4जी-5जी मोबाइल नेटवर्क से जोड़ने के साथ वहां स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, पेयजल और विद्युत जैसी मूलभूत सुविधाओ को सुदृढ़ किया जाएगा। पलायन रोकने के लिए ग्रामीणों के लिए आजीविका और रोजगार के साधन सृजित किए जाएंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पिछले दिनों बीकानेर में की गई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में चयनित गांवों में किए जाने वाले कार्यों में तेजी लाने के निर्देश मिलने के बाद प्रशासन ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है।

घड़साना उपखंड के 20 गांव

केन्द्र सरकार की वाइब्रेंट विलेज-2 योजना में चयनित श्रीगंगानगर जिले के 68 गांवों में सर्वाधिक 20 गांव घड़साना उपखंड क्षेत्र के हैं। इसके अलावा अनूपगढ़ के 11, श्रीकरणपुर के 13, रायसिंहनगर के 16 तथा श्रीगंगानगर उपखंड क्षेत्र के 8 गांवों का चयन हुआ है। योजना सिर्फ बॉर्डर एरिया के गांवों के लिए है, इसलिए इन्हीं उपखंडों से गांवों का चयन किया गया है।

5 जिलों के 184 गांवों का चयन

इस योजना में राजस्थान के 5 जिलों के 184 गावों को चयन किया गया है, जिनमें से 123 गावों के लिए 232 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। इस कार्य की मॉनिटरिंग स्वयं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा कर रहे हैं। इसके अलावा योजना के अंतर्गत सीमा क्षेत्रों के 3,195 गांवों में बड़े स्तर पर विकास कार्य की तैयारी है।

Updated on:
28 May 2026, 10:42 PM IST
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