
श्रीगंगानगर। जिले के श्रीकरणपुर कस्बे में एक निजी फाइनेंस कंपनी के मैनेजर ने पारिवारिक तनाव के चलते आत्महत्या कर ली। घटना से पहले युवक ने अपने भाई को मोबाइल पर कई संदेश भेजे, जिनमें उसने लिखा कि 'वह जीना चाहता था, लेकिन शादी के बाद उसका जीवन और सपने खत्म हो गए।' युवक ने अपनी मौत के लिए ससुराल पक्ष के कुछ लोगों को जिम्मेदार ठहराया। पुलिस ने मृतक के भाई की शिकायत पर पांच लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान 5 पीजीएम (अनूपगढ़) निवासी संजय कुमार के रूप में हुई है। वह श्रीकरणपुर के गांधी पार्क के पास किराए के मकान में रहता था और एक निजी फाइनेंस कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत था। सोमवार देर रात उसने संदिग्ध परिस्थितियों में आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई कराई।
मृतक के भाई राजकुमार ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि संजय की शादी 11 मार्च 2026 को गांव 6 एच (पतरोड़ा) निवासी युवती से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद उसकी पत्नी अपने पीहर चली गई। इसके बाद संजय ने कई बार पत्नी को वापस लाने का प्रयास किया। परिजनों, रिश्तेदारों और पंचायत स्तर पर भी समझौते की कोशिश हुई, लेकिन बात नहीं बन सकी।
रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि मृतक की पत्नी उसके साथ रहने को तैयार थी, लेकिन ससुर, साले, साढ़ू, विवाह कराने वाले बिचौलिए और एक अन्य रिश्तेदार ने उसे वापस नहीं आने दिया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि संजय को अपनी पत्नी से फोन पर बात तक नहीं करने दी जाती थी, जिससे वह लगातार मानसिक तनाव में रहने लगा।
पुलिस के अनुसार घटना से पहले संजय ने अपने मोबाइल से कई मैसेज और व्हाट्सएप चैट भेजी थीं। एक संदेश में उसने लिखा कि उसकी पत्नी की इस मामले में कोई गलती नहीं है। वहीं दूसरे संदेश में उसने उल्लेख किया कि वह जीना चाहता था, लेकिन शादी के बाद उसका जीवन और उसके सपने समाप्त हो गए। इन संदेशों को पुलिस ने जांच का हिस्सा बनाया है।
मृतक के भाई की शिकायत के आधार पर श्रीगंगानगर पुलिस ने ससुर वेदप्रकाश, साले राकेश, साढ़ू मुकेश, बिचौलिए नंदराम और एक अन्य रिश्तेदार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 और 189(2) के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच सीआई सीर कौर कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि मोबाइल चैट, अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और संबंधित लोगों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।