राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में मंगलवार को आकाशीय बिजली का कहर देखने को मिला, जहां विद्युत पोल पर रखे ट्रांसफर पर आकाशीय बिजली गिर गई। जिसकी वजह से कई घरों में लोहे की वस्तुओं में तेज करंट दौड़ गया।
श्रीगंगानगर। अनूपगढ़ क्षेत्र के गांव 20 एलएम में मंगलवार को आकाशीय बिजली गिरने से एक ही परिवार के तीन बच्चे झुलस गए। इनमें डेढ़ वर्षीय सन्नी, ढाई वर्षीय इशांत और उनकी 15 वर्षीय मौसी लक्ष्मी शामिल हैं। घड़साना के सरकारी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को बीकानेर रेफर कर दिया गया।
घटनाक्रम के अनुसार, गांव 20 एलएम में मंगलवार दोपहर अचानक आसमान में बिजली चमकने लगी। इतने में खेत में एक विद्युत पोल जिस पर ट्रांसफार्मर लगा हुआ था, उसपर बिजली गिर गई। इस घटना के बाद बिजली का करंट विद्युत तारों से होते हुए लगभग 500 मीटर की दूरी पर बनी सात ढाणियों में फैल गया।
जिस ढाणी में यह घटना हुई, वहां बच्चे अपनी मौसी के साथ आंगन में कमरे के दरवाजे के पास खेल रहे थे। लोहे के दरवाजे में करंट आने से तीनों बच्चे झुलस गए। घायल बच्चों के चाचा मक्खन राम (22) ने बताया कि उनके बड़े भाई सुरेंद्र ईंट भट्ठे पर मजदूरी करते हैं। घटना के समय सुरेंद्र काम पर गए हुए थे। घर पर उनके दो बेटे सन्नी और इशांत, चार वर्षीय बेटी संध्या, उनकी मौसी लक्ष्मी और सुरेंद्र की पत्नी मौजूद थीं।
सन्नी और इशांत अपनी मौसी लक्ष्मी के साथ आंगन में खेल रहे थे, तभी अचानक लोहे के दरवाजे में करंट आ गया। ग्रामीणों की मदद से तीनों घायलों को घड़साना के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। वहां से डॉक्टरों ने उन्हें बीकानेर रेफर कर दिया।
आकाशीय बिजली गिरने के कारण सातों ढाणियों में विद्युत उपकरण भी जल गए हैं। विद्युत विभाग के कनिष्ठ अभियंता फरमान सिंह ने बताया कि आकाशीय बिजली गिरने से गांव 20 एलएम में ट्रांसफार्मर व विद्युत सप्लाई वाले तार भी जल गए हैं।