श्री गंगानगर

Rajasthan: विधायक-इंजीनियर मारपीट में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, MLA बिहाणी सहित 30 पर केस दर्ज

राजस्थान में विधायक-इंजीनियर के साथ हुई मारपीट के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इसके साथ ही यह मामला अब राजनीतिक रंग लेता जा रहा है।

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Sriganganagar MLA Jaideep Bihani assault case
फोटो पत्रिका नेटवर्क


श्रीगंगानगर। विधायक और इंजीनियर के बीच हुए मारपीट प्रकरण में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विधायक जयदीप बिहाणी सहित करीब 30 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस घटना के बाद न सिर्फ प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है, बल्कि राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है।

मामला आरयूआईडीपी के सहायक अभियंता जगनलाल बैरवा से कथित मारपीट से जुड़ा है। जवाहर नगर थाना पुलिस में दर्ज एफआईआर में विधायक बिहाणी समेत 10 नामजद और 20 अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है। बताया जा रहा है कि यह विवाद शहर में पेयजल आपूर्ति में गड़बड़ी को लेकर आयोजित एक बैठक के दौरान हुआ था, जहां अधिकारियों और विधायक के बीच कहासुनी बढ़ते-बढ़ते मारपीट में बदल गई।

इंजीनियरों में भारी आक्रोश

घटना के बाद इंजीनियरों में भारी आक्रोश देखने को मिला। राजस्थान कौंसिल ऑफ डिप्लोमा इंजीनियर्स के नेतृत्व में श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ के इंजीनियरों ने जवाहर नगर थाने के बाहर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। इंजीनियरों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं प्रशासनिक व्यवस्था को कमजोर करती हैं और अधिकारियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती हैं।

कांग्रेस का शिष्टमंडल एसपी से मिलते हुए।

कांग्रेस ने मामले में ली एंट्री

इस बीच, मामला राजनीतिक रंग भी ले चुका है। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी (अनुसूचित जाति विभाग) की एक उच्च स्तरीय जांच टीम श्रीगंगानगर पहुंची और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई। टीम ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर विधायक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और पीड़ित अभियंता को सुरक्षा देने की बात कही। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि इस मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय सुनिश्चित होना चाहिए।

एसपी कार्यालय पर प्रदर्शन

दूसरी ओर, सर्व समाज के लोगों ने भी इस मुद्दे को लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने विधायक के खिलाफ कार्रवाई में देरी पर नाराजगी जताई और चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। पुलिस ने स्थिति को संभालने के लिए बैरिकेडिंग कर रखी थी और प्रतिनिधिमंडल को ही अंदर जाने दिया गया।

एसपी कार्यालय पर प्रदर्शन करते सर्व समाज के लोग। 

पहले एईएन को पुलिस ने किया था गिरफ्तार

गौरतलब है कि घटना के बाद पहले पुलिस ने एईएन बैरवा समेत कुछ अधिकारियों को शांति भंग की आशंका में गिरफ्तार किया था, लेकिन बाद में बैरवा की ओर से विधायक और उनके समर्थकों पर मारपीट का आरोप लगाते हुए शिकायत दी गई। अब एफआईआर दर्ज होने के बाद इस मामले में आगे की जांच तेज हो गई है। फिलहाल, यह मामला प्रशासन, राजनीति और समाज के बीच एक बड़ा मुद्दा बन गया है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

Updated on:
07 May 2026 11:43 am
Published on:
06 May 2026 09:55 pm