
Rajasthan Farmers Protest : श्रीगंगानगर के पीलीबंगा में गेहूं खरीद का लक्ष्य बढ़ाने, खरीद अवधि 30 जून तक बढ़ाने तथा पर्याप्त बारदाना उपलब्ध कराने की मांग को लेकर किसान-मजदूर-व्यापारी संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर शनिवार को प्रस्तावित रेल रोको आंदोलन से पहले धरना स्थल पर किसानों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई है। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से किसान बसों, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों में भरकर पीलीबंगा पहुंच रहे हैं। धरनास्थल पर शनिवार सुबह से ही किसानों का जमावड़ा बढ़ता जा रहा है।
संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारी किसानों को आंदोलन की रूपरेखा से अवगत करा रहे हैं। आंदोलन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। धरना स्थल, रेलवे स्टेशन और प्रमुख मार्गों पर भारी पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है। वरिष्ठ अधिकारी लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
संयुक्त मोर्चा के नेताओं का कहना है कि किसानों की लंबित मांगों के समाधान तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं प्रशासन ने शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील करते हुए कहा है कि किसानों की मांगों के संबंध में उच्च स्तर पर लगातार संपर्क किया जा रहा है। रेल रोको आंदोलन को लेकर पूरे क्षेत्र में दिनभर हलचल बनी हुई है।
शुक्रवार को संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधि गोपाल बिश्नोई ने बताया कि शनिवार को किसान, मजदूर, व्यापारी संयुक्त मोर्चा द्वारा रेल रोको आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इसके बाद भी सरकार ने किसानों की मांगें नहीं मानीं तो आगामी दिनों में किसान भवन से प्रतिदिन पांच किसानों का प्रतिनिधिमंडल उपखंड कार्यालय पहुंचेगा और जरूरत पड़ी तो किसान अपनी मांगों के लिए जान देने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
इससे पूर्व मांगों को लेकर किसान-मजदूर-व्यापारी संयुक्त मोर्चा का आंदोलन शुक्रवार को तीसरे दिन जारी रहा। आंदोलनकारियों ने हनुमानगढ़-सूरतगढ़ मुख्य मार्ग पर एक घंटे का चक्का जाम कर सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। भीषण गर्मी और तपती सड़क के बावजूद किसान सड़क पर बैठकर प्रदर्शन करते रहे। सड़क पर जाम लगाने से एकबारगी दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। पुलिस प्रशासन ने यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुख्य मार्ग से वाहनों का रूट डायवर्ट कर शहर के अंदरूनी मार्गों से निकासी करवाई।
चक्का जाम के दौरान सड़क पर ही सभा आयोजित करते हुए वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की उपज खरीद को लेकर गंभीर नहीं है तथा बार-बार आश्वासन देने के बावजूद समाधान नहीं किया जा रहा। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की प्रदेश अध्यक्ष कमला मेघवाल सहित किसान नेताओं व महिला प्रतिनिधियों ने कहा कि मंडियों में समर्थन मूल्य पर संपूर्ण गेहूं खरीद सुनिश्चित नहीं होने से किसानों में रोष है।
एक घंटे के सांकेतिक चक्का जाम के बाद आंदोलनकारी उपखंड कार्यालय के समक्ष लगे टेंट में एकत्रित हुए तथा वहां सभा को संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि प्रशासन किसानों को केवल बारदाना उपलब्ध कराने के मुद्दे में उलझा रहा है, जबकि संयुक्त मोर्चा की मुख्य मांग यह है कि पूर्व में बायोमेट्रिक करवा चुके प्रत्येक किसान का संपूर्ण गेहूं खरीदा जाए।
इसी बीच, प्रशासन की ओर से आंदोलनकारियों को वार्ता के लिए आमंत्रित करते हुए विज्ञप्ति जारी की गई, लेकिन संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधियों ने प्रशासन के आमंत्रण को अस्वीकार करते हुए वार्ता से इनकार कर दिया। आंदोलनकारियों का कहना था कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।