
श्रीगंगानगर.
लोकसभा चुनाव से पहले पीएम मोदी ने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने का देश के किसानों से वादा किया था। इस आधार पर मोदी ने पठानकोठ की सभा से लेकर देश भर की सभाओं में किसानों से वोट मांगे लेकिन अब तक इस रिपोर्ट को लागू नहीं किया। इसको लेकर राष्ट्रीय किसान महासंघ 26 जुलाई से कश्मीर से कन्याकुमारी तक किसान अधिकार यात्रा निकाल रहा है। इस दौरान देश भर में किसानों की 25 बड़ी जनसभाएं की जाएगी। यह कहना था कि राष्ट्रीय किसान महासभा के जगजीत सिंह, गुरनाम सिंह, सुरेश खोथ, अभिमन्यु, बलदेव सिंह व विक्रम सिंह का। वे बुधवार को खालसा कॉलेज हॉल में हुई एक प्रेसवार्ता में मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
इस दौरान किसान नेताओं ने कहा कि कुछ दिन पहले पीएम ने किसानों को लागत मूल्य 50 प्रतिशत जोडकऱ फसलों का एमएसपी दे दिया, ऐसे दावें कर किसानों को गुमराह किया जा रहा है। किसानों को फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। इस बार लोकसभा चुनाव किसान व मोदी के बीच ही होगा।
गंगानगर किसान समिति (जीकेएस) के संयोजक रणजीत सिंह राजू व संतवीर सिंह ने कहा कि इन चार मुद्दों के अलावा किसानों की गंगनहर से सिंचाई का पानी बहुत कम मिल रहा है। इस संबंध में जिला कलक्टर से मिलकर अवगत करवाया तो उन्होंने कहा कि प्रींसिपल सेक्रेटरी को रिपोर्ट कर दी है। सिंचाई पानी को लेकर किसानों को आंदोलन करना होगा।
राजू ने कहा कि इस बार बारिश अच्छी होने पर मूंग व ग्वार की बुवाई ठीक हुई है। इसलिए मूंग की समय रहते एमएसपी पर खरीद करना सुनिशचित किया जाए। सबसे बड़ी समस्या यह है कि फिरोजपुर फीडर की डीपीआर बनाकर निर्माण तक नहीं करवाया गया है । लेकिन सरकार इस मुद्दे पर गंभीर नहीं है। राजू ने कहा कि श्रीगंगानगर जिले में सिंतबर माह के प्रथम सप्ताह में किसानों की बड़ी सभा का आयोजन किया जाएगा।
क्या है मांगें -
- किसानों की संपूर्ण कर्जमुक्ति
- सी-टू लागत मूल्य में 50 प्रतिशत जोडकऱ एमएसपी दिया जाए।
- किसानों की न्यूनतम पेंशन सुनिश्चित की जाए।
- फल, दूध एवं सब्जियों का भी एमएसपी घोषित किया किया जाए,?
- फसलों की एमएसपी पर पूर्ण खरीद की गारंटी का कानून बनाया जाए।