
श्रीगंगानगर.
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में पिछले दो साल में व्यक्तिगत लाभ योजना में हुए निर्माण कार्यों की विशेष ऑडिट का कार्य चार माह से खटाई में पड़ा है।
जिले हुए निर्माण कार्यों की विशेष ऑडिट में पोल खुल सकती है, लेकिन विशेष जांच की फाइल आगे चल ही नहीं पाई। जिला परिषद ने हर पंचायत समिति में सबसे ज्यादा राशि खर्च करने वाली दो-दो ग्राम पंचायतों की विशेष ऑडिट करवाने के लिए जिले की 18 ग्राम पंचायतों को चिन्हित किया था। जिला कलक्टर ज्ञानाराम ने एक आदेश जारी विशेष ऑडिट करवाने के लिए जांच दल गठित किया था। विभाग के अनुसार जांच के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के सहायक अभियंता को शामिल किया था। इनका सहयोग करने के लिए विभाग के कनिष्ठ तकनीकी सहायक और लेखा सहायकों को पाबंद किया था।
उल्लेखनीय है कि इजीएस के सचिव और आयुक्त को जिले की कुछ ग्राम पंचायतों में व्यक्तिगत लाभ के कार्यों में अनियमिताओं की शिकायतें मिली थी। इसके लिए विभाग ने विशेष जांच करवाने का निर्णय करते हुए एक जांच दल का गठन किया था। टीम कार्यों के स्वीकृत तकमीनों में प्रस्तावित कार्य तथा मौके पर करवाए गए कार्य हैं या नहीं, इसका भौतिक सत्यापन करेगी।
इन पंचायतों को किया था चिन्हित
पंचायत समिति श्रीकरणपुर में ग्राम पंचायत दलपतसिंहपुरा, दस ओ तेजेवाला, पदमपुर में बींझबायला, एक पीएस, श्रीगंगानगर में संगतपुरा व तीन एच छोटी, सादुलशहर में बहरामपुरा, नारायणगढ़, अनूपगढ़ में बांडा व नौ एलएम, घड़साना में दो केएम व छह जीडी, श्रीविजयनगर में एक एमएसडी व गोमावाली, रायसिंहनगर में संगराना व छह एलपीएम, सूरतगढ़ में निरवाणा व ठेठार को चिन्हित किया था।
व्यक्तिगत लाभ के कार्यों में अधिक राशि खर्च करने वाली हर पंचायत समिति से दो-दो ग्राम पंचायतों को चिन्हित किया गया था लेकिन विशेष जांच करवाने का कार्य आगे नहीं बढ़ पाया था।
प्रेम अग्रवाल, अधिशासी अभियंता (मनरेगा) जिला परिषद श्रीगंगानगर।