
Rajasthan Farmers : खरीफ सीजन में मौसम और पानी की मार ने ग्वार-मूंग की फसल को झटका दिया तो कपास ने किसानों की उम्मीदों को थाम लिया है। श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ अंचल में इस बार कपास का रकबा पिछले वर्ष के मुकाबले 47,778 हेक्टेयर बढकर 2,97,545 हेक्टेयर पहुंच गया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार दोनों जिलों में कपास का उत्पादन 11,90,682 गांठ रहने का अनुमान है। खास बात यह है कि इस सीजन फसल में गुलाबी सुंडी का प्रकोप नहीं होने से किसानों को उत्पादन और गुणवत्ता बेहतर रहने की उम्मीद है।
कपास के लिए इस बार श्रीगंगानगर जिले में 1,62,508 हेक्टेयर तथा हनुमानगढ़ में 1,35,037 हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हुई है। श्रीगंगानगर में उत्पादन 6,37,031 गांठ और हनुमानगढ़ में 5,53,651 गांठ रहने का अनुमान है। दोनों जिलों की औसत उत्पादकता करीब 4 गांठ प्रति हेक्टेयर है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले वर्ष दोनों जिलों में कपास का कुल वर्ष रकबा 2,49,767 हेक्टेयर था, जो इस बार बढ़कर 2,97,545 हेक्टेयर हो गया। यानी एक साल में 19.1 प्रतिशत क्षेत्र की बढ़ोतरी हुई है। वहीं उत्पादन भी पिछले साल के 9,93,005 गांठ से बढ़कर इस बार 11,90,682 गांठ तक पहुंचने का अनुमान है।
श्रीगंगानगर 2026 -
1,62,508 हेक्टेयर क्षेत्र, 3.92 गांठ/हेक्टेयर उत्पादकता और 6,37,031 गांठ उत्पादन।
हनुमानगढ़ 2026 -
1,35,037 हेक्टेयर क्षेत्र, 4.10 गांठ/हेक्टेयर उत्पादकता और 5,53,651 गांठ उत्पादन।
श्रीगंगानगर जिले के कई क्षेत्रों में ग्वार की फसल खराब होने से किसानों को आर्थिक झटका लगा हैं। मूंग की फसल भी कई इलाकों में प्रभावित हुई है। किसानों के अनुसार पर्याप्त सिंचाई पानी नहीं मिलने से भी खरीफ फसलों पर असर पड़ा। ऐसे में जिन किसानों के खेतों में कपास की फसल अच्छी स्थिति में है, उनकी निगाह अब उत्पादन और बाजार भाव पर टिकी है।
दोनों जिलों में कपास का रकबा 2024 में 2,64,820 हेक्टेयर, 2025 में 2,49,767 हेक्टेयर और 2026 में 2,97,545 हेक्टेयर रहा। इस बार रकबा 2 साल पहले के मुकाबले भी 32,725 हेक्टेयर अधिक है। उत्पादकता भी करीब चार गांठ प्रति हेक्टेयर रहने से उत्पादन में बढ़ोतरी की उम्मीद है।
श्रीगंगानगर कृषि खंड में इस बार कपास की फसल में गुलाबी सुंडी का प्रकोप नहीं होना राहत की बात है। दोनों जिलों में कपास का रकबा बढ़ा है और उत्पादकता करीब चार गांठ प्रति हेक्टेयर है। फसल की स्थिति और मौसम अनुकूल रहने पर उत्पादन बेहतर रहने की उम्मीद है।
हरबंस सिंह, अतिरिक्त निदेशक, कृषि खंड श्रीगंगानगर