
श्रीगंगानगर: बाल सुधार गृह में सुरक्षा गार्ड साहबराम की हत्या के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। वारदात के पूरे घटनाक्रम का पता लगाने के लिए परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। एफएसएल और एमओबी टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं, जबकि हत्या के आरोप में तीन निरुद्ध किशोरों से पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि हत्या के कारणों का अभी तक स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है।
जानकारी के अनुसार, श्रीगंगानगर राजकीय संप्रेक्षण एवं किशोर गृह परिसर में संचालित बाल सुधार गृह में बुधवार शाम को 15 अगस्त के कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर चर्चा चल रही थी। इसी दौरान परिसर का कूलर खराब होने पर साहबराम उसे ठीक करने के लिए बाहर मौजूद दूसरे गार्ड के पास औजार लेने जा रहे थे। आरोप है कि जैसे ही वे आगे बढ़े, पीछे से तीनों किशोरों ने उन पर बेंच के डंडे से कई बार वार कर दिए। सिर में गंभीर चोट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव, पुलिस अधीक्षक हरिशंकर यादव, अतिरिक्त- जिला कलक्टर सुभाष कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक शर्मा तथा सीओ सिटी विष्णु खत्री, पुरानी आबादी थानाधिकारी सुमन परिहार आदि मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर बाल अधिकारिता विभाग के अधिकारी राजीव जाखड़ से पूरी जानकारी ली।
बाल सुधार गृह जैसी संवेदनशील संस्था में हुई इस वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि गंभीर मामलों में निरुद्ध किशोर एक सुरक्षा गार्ड पर इस तरह जानलेवा हमला कर सकते हैं, तो संस्थान की सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था, स्टॉफ की संख्या और जोखिम प्रबंधन की प्रभावशीलता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं, प्रशासन ने भी पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट तलब की है।
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष जोगेंद्र कौशिक ने बताया कि बाल सुधार गृह में इन दिनों नशे से जुड़े मामलों में आने वाले किशोरों की संख्या बढ़ी है। वर्तमान में यहां 27 किशोर निरुद्ध हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में अधिकारियों की बैठक में भी इस विषय पर चिंता व्यक्त की गई थी। हनुमानगढ़ जिले से भी किशोरों को यहां भेजा जा रहा है।
मृतक साहबराम श्रीगंगानगर की अंबे विहार कॉलोनी के निवासी थे। वे सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) से सेवानिवृत्त होने के बाद पिछले कुछ महीनों से बाल सुधार गृह में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत थे। उनके परिवार में एक बेटा और एक बेटी है, जिनका विवाह हो चुका है।
परिजनों के अनुसार, उनकी पत्नी किडनी की गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं और साहबराम उन्हें इलाज के लिए बाहर ले जाने की तैयारी कर रहे थे। इससे पहले ही यह दर्दनाक घटना हो गई। सूचना मिलते ही परिजन, रिश्तेदार और परिचित अस्पताल एवं घटनास्थल पर पहुंच गए, जहां शोक और आक्रोश का माहौल रहा।