श्री गंगानगर

Rajasthan: ‘खाकी पहनना सपना था.. नशा और गैंगस्टर का नामोनशान मिटा दूंगी’, कुर्सी थामते ही लेडी सिंघम की दहाड़

राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले की नई एसपी डॉ अमृता दुहन ने कुर्सी थामते ही अपराधियों को चेतावनी दे दी है। इससे पहले भी लेडी सिंघम के रूप में IPS अमृता की चर्चा होती रही है। पहली प्रेसवार्ता में उन्होंने अपना सीयूजी नंबर जारी कर दिया।
2 min read
IPS Amrita Duhan
IPS डॉ. अमृता दुहन (फोटो-पत्रिका)

श्रीगंगानगर। 'जो गैंगस्टर के लिए काम करता है, ड्रग्स गिरोह का हिस्सा है या नशे के धंधे को पनाह देता है- अब उसकी जगह जेल में होगी।' गुरुवार को जिले की नई पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने कार्यभार संभालते ही अपराधियों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि जिले को नशा मुक्त और गैंगस्टर विहीन बनाना उनका प्राथमिक लक्ष्य होगा।

पुलिस लाइन में पहली प्रेस वार्ता के दौरान एसपी डॉ. दुहन ने बताया कि ड्रग्स तस्करों और संगठित अपराध से जुड़े नेटवर्क को पूरी तरह तोड़ने के लिए कार्रवाई की जाएगी। नशे से कमाई गई संपत्ति जब्त की जाएगी और गैंगस्टर की जड़ें उखाड़ फेंकी जाएंगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी अपराध में संलिप्त व्यक्ति, चाहे वह सहयोगी ही क्यों न हो, अब पुलिस के निशाने पर होगा।

सीयूजी नंबर किया सार्वजनिक

डॉ. दुहन ने बताया कि नशे के कारोबार की सूचना देने के लिए आमजन और विशेषकर महिलाएं सीधे उनके सीयूजी नंबर 8764513201 पर संपर्क कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि सूचना देने वालों की पहचान गुप्त रखी जाएगी और कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

सीमावर्ती तस्करी पर विशेष निगरानी

एसपी ने कहा कि बॉर्डर पार से ड्रोन के जरिए हो रही हेरोइन तस्करी को लेकर स्थानीय नेटवर्क की पहचान और समाप्ति के लिए खुफिया सूचना तंत्र को सुदृढ़ किया जाएगा। पंजाब या अन्य स्थानों से आने वाले मादक पदार्थों की आवाजाही पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। पुलिस का प्रयास रहेगा कि संगठित अपराध की जड़ों तक पहुंच कर उन्हें समाप्त किया जाए।

'डॉक्टर थी, हूं और रहूंगी'

एसपी ने कहा कि उनके नाम के साथ 'डॉ.' लिखा जाना उनकी मेहनत और पहचान का हिस्सा है। 'मैं डॉक्टर थी, हूं और रहूंगी। डॉक्टर जैसे दर्द दूर करता है, वैसे ही पुलिस अफसर बनकर न्याय दिलाऊंगी। खाकी पहनना मेरा सपना था, अब उसी जिम्मेदारी के साथ काम कर रही हूं।'

महिलाएं बनेंगी पुलिस की साझेदार

डॉ. दुहन ने कहा कि नशे से सबसे ज्यादा प्रभावित महिलाएं होती हैं-मां, बहन, पत्नी। ऐसे में महिलाओं को चाहिए कि वे आगे आकर पुलिस की मददगार बनें और तस्करों के खिलाफ आवाज उठाएं। उन्होंने दोहराया कि कोई भी महिला या नागरिक नशे के धंधे से जुड़ी सूचना सीधे उन्हें दे सकता है।

पदभार ग्रहण के साथ शुरू की समीक्षा

कार्यग्रहण के बाद एसपी डॉ. दुहन ने जिले के पुलिस अधिकारियों से फीडबैक लेकर कानून व्यवस्था की स्थिति का आकलन किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब अपराध और अपराधियों के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाई जाएगी।

Updated on:
25 Jul 2025 04:11 pm
Published on:
25 Jul 2025 04:11 pm